
बिहार के सीवान में पटाखा बनाने के दौरान हुए भीषण विस्फोट में पांच लोगों की दर्दनाक मौत के बाद मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। आगामी दीपावली पर्व को लेकर किसी भी संभावित अनहोनी को टालने और आम जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को शहर के हृदयस्थली कहे जाने वाले बाबा गरीबनाथ मंदिर के समीप स्थित प्रमुख पटाखा मंडी में प्रशासन ने सघन छापेमारी अभियान चलाया। एसडीएम आनंद उत्सव के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने इस औचक कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे शहर के पटाखा कारोबारियों के बीच भारी हड़कंप मच गया। शनिवार दोपहर जैसे ही प्रशासनिक अमला और पुलिस की गाड़ियां गरीबनाथ मंदिर के समीप पटाखा मंडी में पहुंचीं, अवैध रूप से कारोबार कर रहे दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। कई दुकानदार शटर गिराकर भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते वे सफल नहीं हो सके। टीम ने एक-एक दुकान में जाकर लाइसेंस, अग्नि शमन यंत्रों, बालू की बाल्टियों और पानी की व्यवस्था की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि भीड़भाड़ वाले इस व्यावसायिक इलाके में कई दुकानदार निर्धारित एसओपी (SOP) और सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए मौत का सामान सजाए बैठे थे। सुरक्षा में भारी चूक और नियमों की अनदेखी को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की।
आधा दर्जन दुकानें सील, बड़ा जखीरा जब्त
मौके पर ही ऐसी चार से पांच दुकानों को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया। इसके अलावा, अवैध रूप से भंडारित किए गए पटाखों की एक बड़ी खेप भी जब्त की गई है। प्रशासनिक टीम की इस सख्त कार्रवाई को देखने के लिए मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। किसी भी प्रकार के हंगामे या विरोध को रोकने के लिए मंडी के चारों तरफ अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कार्रवाई के दौरान जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रज्ञा सरन ने बताया कि विभाग को लगातार यह गुप्त सूचना मिल रही थी कि मंडी में बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के पटाखों का बड़ा कारोबार संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा, “दीपावली के मद्देनजर हमारी टीम पूरी तरह मुस्तैद है। जो भी दुकानदार निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”वहीं, मौके पर मौजूद एसडीएम आनंद उत्सव ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि रिहायशी और भीड़भाड़ वाले इलाके में अवैध रूप से संचालित दुकानों के खिलाफ यह अभियान आगे भी अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने कारोबारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि मुनाफे के चक्कर में सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि हाल ही में सीवान जिले में बारूद के भारी भंडार में हुए धमाके ने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया है। उस हृदयविदारक घटना में एक दो मंजिला पक्का मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गया था, और मलबे में दबकर पांच लोगों की जान चली गई थी। सीवान की उस भयावह त्रासदी से सबक लेते हुए मुजफ्फरपुर प्रशासन अब कोई भी कोताही बरतने के मूड में नहीं है।दीपावली का पर्व नजदीक आते ही पटाखों की मांग और भंडारण दोनों अपने चरम पर पहुंच जाते हैं। ऐसे में प्रशासन का यह स्पष्ट संदेश है कि त्योहारों की आड़ में किसी को भी नियमों की अनदेखी करने की छूट नहीं मिलेगी। मुजफ्फरपुर शहर के साथ-साथ जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थानीय थानों की पुलिस को पटाखा दुकानों की जांच तेज करने के सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।



