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खान सर पर मर्डर का आरोप: रौशन आनंद बोले- ‘मेरे भाई को साजिश के तहत मार डाला’

पटना: ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर रौशन आनंद ने पटना के चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर पर अपने छोटे भाई की हत्या कराने का सीधा और गंभीर आरोप लगाया है। बुधवार को अपने पैतृक जिले सहरसा पहुंचे रौशन आनंद ने अपने दिवंगत भाई प्रिंस यादव की तेरहवीं के मौके पर मीडिया से बात करते हुए पुलिस प्रशासन और विरोधी गुट पर तीखे हमले किए।पत्रकारों से मुखातिब रौशन आनंद ने दावा किया कि उनके भाई प्रिंस यादव की नेपाल में बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। उन्होंने कहा, “दुनिया भले कुछ भी माने, लेकिन मैं यह दावे के साथ कहता हूं कि मेरे भाई की हत्या कराई गई है। इस साजिश के पीछे फैजल खान (खान सर) और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आर.एस. प्रसाद का हाथ है।”

आनंद ने रोष जताते हुए कहा कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी नेपाल प्रशासन द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है, जो गहरे संदेह को जन्म देता है।रौशन आनंद ने बिहार पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर उंगली उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीती २ जून को कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ एकतरफा और बेहद त्वरित कार्रवाई की। उन्हें महज कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। “जब हमारे खिलाफ एफआईआर हुई, तो पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। लेकिन जब मैं अपने भाई की संदिग्ध मौत को लेकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की कोशिश कर रहा हूं, तो पुलिस मेरी शिकायत सुनने को तैयार नहीं है।अपनी गिरफ्तारी के दौरान हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए रौशन आनंद ने कहा कि उनके मानवाधिकारों का उल्लंघन किया गया। जेल भेजने से पहले उनकी मेडिकल जांच की प्रक्रिया महज एक औपचारिकता थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के वक्त उनका ब्लड प्रेशर (BP) काफी बढ़ा हुआ था, इसके बावजूद डॉक्टरों और पुलिस कर्मियों ने बिना उचित इलाज या गहन जांच के उन्हें जबरन ‘फिट’ घोषित कर जेल भेज दिया।रौशन आनंद ने अपनी और अपने भाई की गिरफ्तारी को एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताते हुए कहा कि जेल जाने के बाद से ही उनका भाई मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था। उन्होंने देश के गृह मंत्रालय और बिहार सरकार से अपील की है कि इस पूरे प्रकरण, कोचिंग विवाद और उनके भाई की मौत की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।

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