
बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा सीट एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गई है। इस सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जन सुराज पार्टी की ओर से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद इस सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।
प्रशांत किशोर ने हाल ही में बांकीपुर को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर इस क्षेत्र में पिछले चार से पांच दशक से कायम भारतीय जनता पार्टी के मजबूत गढ़ को तोड़ने के लिए उन्हें खुद चुनाव लड़ना पड़े, तो वे इसके लिए भी तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
दरअसल, बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा नेता नितिन नवीन के विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है। नितिन नवीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव होना तय है। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
जन सुराज पार्टी के कोर टीम सदस्य और पूर्व विधायक किशोर कुमार ने भी इस संभावना को बल दिया है। उन्होंने बताया कि प्रशांत किशोर और उनकी टीम लगातार बांकीपुर क्षेत्र में सक्रिय हैं और जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।
पार्टी के अनुसार, विभिन्न सामाजिक वर्गों, व्यापारियों, युवाओं और बुद्धिजीवियों के साथ लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। प्रशांत किशोर खुद भी लोगों से सीधा संवाद कर उनकी राय जान रहे हैं और क्षेत्र की समस्याओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं।
किशोर कुमार का कहना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ क्षेत्र की बड़ी संख्या में जनता भी चाहती है कि प्रशांत किशोर खुद बांकीपुर से चुनाव लड़ें। हालांकि पार्टी की ओर से अभी उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन प्रशांत किशोर के बयान और पार्टी नेताओं के संकेतों ने इस संभावना को काफी मजबूत कर दिया है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या जन सुराज पार्टी प्रशांत किशोर को बांकीपुर उपचुनाव में अपना उम्मीदवार घोषित करेगी। यदि ऐसा होता है तो यह मुकाबला बिहार की सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल चुनावी लड़ाइयों में से एक बन सकता है।



