
पटना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने निषाद आरक्षण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। वाराणसी में उत्तर प्रदेश के 10 जिलों से आए पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए सहनी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला, तो समाज का एक भी वोट भाजपा के खाते में नहीं जाएगा। मुकेश सहनी ने पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए ‘हर घर संकल्प अभियान’ की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनका दल निषाद समाज के अधिकारों और मझवार आरक्षण को लागू कराने के लिए उत्तर प्रदेश में एक व्यापक आंदोलन खड़ा कर रहा है। दो नवंबर से 30 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव और बूथ स्तर तक जाएंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के करीब 25 लाख निषाद समाज के लोगों को हाथ में पवित्र गंगाजल देकर यह संकल्प दिलाया जाएगा कि जब तक आरक्षण नहीं, तब तक भाजपा को वोट नहीं।
हाथ में गंगाजल लेकर 25 लाख लोग लेंगे संकल्प
वीआईपी प्रमुख ने डिजिटल माध्यम से भी अपनी आवाज मुखर करने की रणनीति बनाई है। ब्लॉक और ग्राम स्तर पर इस अभियान के दौरान करीब 500 वीडियो तैयार किए जाएंगे। इन वीडियो संदेशों के माध्यम से निषाद समाज अपनी मांगें और अपना आक्रोश सीधे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाएगा। सहनी ने कहा कि राजनीतिक दल अब तक केवल एक नेता को साथ लेकर पूरे समाज का वोट ठगते आए हैं, लेकिन अब निषाद समाज को खोखले आश्वासन नहीं, बल्कि अपने अधिकारों का ठोस समाधान चाहिए।
इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी है वीआईपी
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद को भी सहनी ने सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने संजय निषाद को छह महीने का समय देते हुए कहा कि वह सत्ता में रहकर निषाद समाज को आरक्षण दिलाएं। यदि वह ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देकर विपक्ष के साथ सड़क पर उतरना चाहिए। सहनी ने भरोसा दिलाया कि यदि डॉ. संजय निषाद समाज के लिए सत्ता त्यागते हैं, तो वीआईपी पूरी ताकत से उनके पीछे खड़ी रहेगी। अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट करते हुए मुकेश सहनी ने दोहराया कि वीआईपी पहले से ही विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक निषाद समाज को उनका हक और आरक्षण नहीं मिल जाता, तब तक भाजपा के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता या समर्थन का सवाल ही पैदा नहीं होता। बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं से इस आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सफल बनाने की अपील की गई।



