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फतुहा में बाहुबली विधायक अनंत सिंह का शक्ति प्रदर्शन, पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के लिए खड़ी की मुश्किल

पटना। बिहार की राजनीति में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प और तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के भीतर सुलग रहा अंतर्विरोध अब पूरी तरह से सड़क पर आ गया है। जेडीयू के कद्दावर विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को फतुहा और उसके आसपास के इलाकों में अनंत सिंह द्वारा किया गया भव्य रोड शो इसी सियासी घमासान का सीधा प्रमाण है। अपनी ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के जरिए अनंत सिंह ने न केवल अपना शक्ति प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे पार्टी लाइन से हटकर अपना बागी रुख कायम रखने वाले हैं।

महारानी चौक से दरियापुर तक उमड़ा भारी हुजूम

बुधवार की सुबह पटना स्थित अपने आवास से अनंत सिंह पूरे दल-बल और सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ निकले। उनकी यह यात्रा पटना से शुरू होकर फतुहा, खुसरूपुर, सालिमपुर, चंपापुर और बख्तियारपुर जैसे महत्वपूर्ण ग्रामीण एवं कस्बाई इलाकों से गुजरी। इस दौरान सबसे अधिक सियासी हलचल और गहमागहमी फतुहा में देखने को मिली, जहां उन्होंने एक विशाल रोड शो किया। यह रोड शो फतुहा के ऐतिहासिक महारानी चौक से शुरू हुआ और शहर के मुख्य चौराहा से होते हुए दरियापुर तक पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और गगनभेदी नारों के साथ स्थानीय लोगों व समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया।

‘जब बुलाएंगे, हम हमेशा हाजिर रहेंगे’

रोड शो के दौरान उमड़ी भारी भीड़ और समर्थकों के उत्साह को देखकर अनंत सिंह गदगद नजर आए। खुली गाड़ी से हाथ हिलाकर अभिवादन करते हुए उन्होंने मतदाताओं और अपने समर्थकों से सीधा संवाद स्थापित किया। भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने ठेठ अंदाज में कहा, ‘आप लोग जब भी बुलाएंगे, हम हमेशा आपके बीच हाजिर रहेंगे।’ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनका यह बयान समर्थकों के बीच एक मजबूत मनोवैज्ञानिक संदेश देने के लिए काफी है। यह सिर्फ एक चुनावी जनसंपर्क नहीं था, बल्कि इलाके में अपनी गहरी राजनीतिक पैठ का खुला प्रदर्शन था।

नीरज कुमार से अदावत और भीतरघात का आरोप

इस पूरे सियासी ड्रामे की जड़ में पटना स्नातक सीट से जेडीयू के मौजूदा विधान पार्षद (एमएलसी) नीरज कुमार हैं। जेडीयू शीर्ष नेतृत्व ने एक बार फिर से नीरज कुमार पर भरोसा जताते हुए उन्हें अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है, लेकिन अनंत सिंह ने उन्हें सिरे से खारिज कर दिया है। अनंत सिंह की यह नाराजगी अचानक नहीं है। उनका खुला आरोप है कि जब वे खुद विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे, तब उनके खिलाफ भीतरघात किया गया था। उनका कहना है कि उस समय उनके विरोध में प्रचार किया गया, लेकिन शिकायत के बावजूद पार्टी आलाकमान ने तब कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की। उसी का राजनीतिक हिसाब वे अब इस चुनाव में चुकता कर रहे हैं। अनंत सिंह केवल विरोध करके शांत नहीं बैठे हैं, बल्कि उन्होंने इस लड़ाई को रणनीतिक रूप दे दिया है। उन्होंने अपने करीबी अनुज सिंह को प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ से सिंबल दिलवाकर चुनावी अखाड़े में उतार दिया है। अब अनंत सिंह पूरी ताकत से अनुज सिंह के पक्ष में स्नातक मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं और जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार का गणित बिगाड़ने में जुटे हैं। अनंत सिंह की इस खुली बगावत ने जेडीयू नेतृत्व के सामने एक बेहद असहज स्थिति पैदा कर दी है। पार्टी अनुशासन के नाम पर अब तक उन पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव अब केवल एक एमएलसी सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह अनंत सिंह बनाम नीरज कुमार की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। फतुहा का यह शक्ति प्रदर्शन बता रहा है कि आने वाले दिनों में यह सियासी टक्कर और भी आक्रामक होने वाली है।

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