Uncategorized

गंडक के रौद्र रूप से बिहार में बाढ़ का खतरा, नया ‘हाई फ्लड लेवल’ बनने से बढ़ी सरकार की चिंता

पटना। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बिहार में गंडक नदी उफान पर है। जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि से पश्चिम चंपारण जिले में बाढ़ का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। गंडक के इस रौद्र रूप और बदलते पैटर्न ने राज्य सरकार की पेशानी पर बल ला दिया है। इस वर्ष नदी ने बगहा में एक नया ‘हाई फ्लड लेवल’ (एचएफएल) बनाया है, जो पिछली बार की तुलना में 35 से 37 सेंटीमीटर अधिक दर्ज किया गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग के शीर्ष अधिकारी और स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर काम कर रहे हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्थिति को लेकर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ का पैटर्न इस बार बदल गया है। पहले गंगा में उफान आया और अब गंडक भारी चुनौती पेश कर रही है। वाल्मीकिनगर बराज से अधिकतम 5.43 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। हालांकि वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 5.62 लाख क्यूसेक था, फिर भी इस बार जलस्तर ने नया रिकॉर्ड बनाया है। पानी के भारी दबाव के कारण पश्चिम चंपारण के बगहा और बैरिया प्रखंड में दो जगहों पर तटबंध टूट गए हैं। गनीमत यह रही कि बगहा में तटबंध टूटने वाला इलाका ‘चौड़’ (निचला कृषि क्षेत्र) है, जिससे बड़ी आबादी बच गई, लेकिन बैरिया के आसरा टोला में पानी घुसने से कई घर प्रभावित हुए हैं।

वाल्मीकिनगर बराज से भारी डिस्चार्ज और तटबंधों पर दबाव

डिप्टी सीएम ने एक असामान्य और चिंताजनक स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि बगहा और बराज के बीच पानी करीब 14 घंटे तक एक ही ऊंचाई पर स्थिर रहा। लंबे समय तक पानी के ठहराव से जमीन कमजोर होती है और पानी के भारी दबाव के कारण जमीन के भीतर से रिसाव शुरू हो जाता है, जिसे तकनीकी भाषा में ‘पाइपिंग’ कहा जाता है। रात में ही इसकी सूचना मिलने पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। जल संसाधन विभाग के सचिव समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी रात से ही मौके पर डटे हुए हैं और राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। बाढ़ के अलावा, राजनीतिक और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी विजय चौधरी ने सरकार का रुख साफ किया। राज्य में हालिया आपराधिक घटनाओं पर उन्होंने दो टूक कहा कि नीतीश सरकार की नीति अपराध को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जा रही है और कार्रवाई के दौरान किसी की जाति नहीं देखी जाती। विपक्ष पर निशाना साधते हुए चौधरी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष से सरकार की प्रशंसा की कोई उम्मीद नहीं है।

अपराध पर ‘जीरो टॉलरेंस’, जाति देखकर नहीं होती कार्रवाई

वहीं, जेडीयू के भीतर एमएलसी चुनाव को लेकर चल रही आंतरिक खींचतान पर उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान मामले से अवगत है और समय रहते इसका सर्वमान्य समाधान निकाल लिया जाएगा। एनडीए सहयोगी चिराग पासवान के बयानों पर उन्होंने नपे-तुले अंदाज में कहा कि चिराग सरकार का अभिन्न हिस्सा हैं, अतः उनके बयानों पर सरकार पूरी गंभीरता से संज्ञान लेगी।

Related Articles

Back to top button