
पटना। प्रकृति की मार और सिस्टम की कथित लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर अन्नदाताओं को भुगतना पड़ रहा है। प्रखंड के रक्सा गांव के समीप रविवार को तिरहुत नहर का करीब 40 फीट चौड़ा तटबंध अचानक भरभरा कर टूट गया। तटबंध के टूटते ही नहर का पानी प्रचंड वेग के साथ आसपास के खेतों में फैलने लगा, जिससे इलाके में अघोषित बाढ़ जैसी भीषण स्थिति उत्पन्न हो गई है। चंद घंटों के भीतर ही रक्सा, विशुनपुर और चैनपुर समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों की करीब पांच एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि पूरी तरह जलमग्न हो गई। खेतों में लहलहाती धान और अन्य फसलें गहरे पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों की महीनों की गाढ़ी कमाई, लागत और मेहनत पर पानी फिर गया है। खेतों को अपनी विनाशकारी चपेट में लेने के बाद अब पानी का यह तेज बहाव रिहायशी इलाकों और गांवों की ओर रुख कर चुका है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखकर ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। इलाके के मुख्य संपर्क मार्गों और सड़कों पर कई फीट तक जलजमाव हो गया है, जिसके चलते आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। रोजमर्रा के काम के लिए निकलने वाले लोगों के साथ-साथ मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण खौफजदा हैं कि यदि युद्ध स्तर पर पानी के बहाव को नियंत्रित नहीं किया गया, तो जल्द ही सैलाब उनके घरों के भीतर प्रवेश कर जाएगा, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।
गांवों की ओर बढ़ा दहशत का पानी, रास्ते हुए बंद
इस भयावह स्थिति ने जल संसाधन विभाग के कामकाज की पोल खोल कर रख दी है। मौके पर जुटे सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। लोगों का कहना है कि महज एक महीने पहले भी इसी स्थान के आसपास तटबंध टूटा था। इसके बाद विभाग द्वारा पक्कीकरण का कार्य कराया गया था, लेकिन वह एक महीने भी नहीं टिक सका। दोबारा बांध टूटने से निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार पर सीधे तौर पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विधायक ने बताई साजिश, प्रशासन ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही कांटी विधायक सह पूर्व मंत्री ई. अजीत कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए इस घटना को प्राकृतिक आपदा के बजाय एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उनका दावा है कि नहर में जलस्तर इतना अधिक नहीं था कि तटबंध स्वतः टूट जाए; इसे किसी असामाजिक तत्व द्वारा जानबूझकर काटा गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से एफआईआर दर्ज कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।दूसरी ओर, प्रशासनिक अमला भी अब हरकत में आ गया है। पश्चिमी अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) स्नेहा कुमारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कहा कि संबंधित विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। तटबंध की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। बांध टूटने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की सघन जांच की जा रही है। फिलहाल, मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है और ग्रामीण रतजगा कर अपने घरों को बचाने की जुगत में लगे हुए हैं।



