
बिहार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से दानापुर अनुमंडल के दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। दानापुर की 6 और मनेर की 5 पंचायतों के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी फैल चुका है। कई गांवों को जोड़ने वाले रास्ते पानी में डूब गए हैं, जिससे ग्रामीणों का प्रखंड और जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित होने लगा है।
मनेर दियारा के कई गांव पानी से घिरे
मनेर के छिहत्तर, महावीर टोला, इसलामगंज, रतन टोला और हल्दी छपरा सहित कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कई स्थानों पर पानी मंदिरों और सरकारी भवनों के आसपास तक फैल गया है। मंदिर परिसर के पास बनी यज्ञशाला पूरी तरह जलमग्न हो गई है, जबकि मंदिर के निचले हिस्से में भी पानी प्रवेश कर चुका है।
जरूरी सामान के लिए नाव का सहारा
बाढ़ ने ग्रामीणों की सामान्य जिंदगी को प्रभावित कर दिया है। दैनिक जरूरत की वस्तुएं खरीदने के लिए लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। कुछ इलाकों में आवागमन के लिए नाव और स्टीमर का सहारा लिया जा रहा है।
बच्चों और छात्रों की परेशानी भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार पानी बढ़ने से आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है।
पशुओं के चारे का बढ़ा संकट
बाढ़ का असर पशुपालकों पर भी पड़ा है। जिन खेतों और इलाकों से हरा चारा मिलता था, वे पानी में डूब गए हैं। चारा बर्बाद होने के बाद पशुओं को खिलाने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
ग्रामीण पानी में उतरकर किसी तरह चारा काटकर ला रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव, मेडिकल सुविधा और पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था कराने की मांग की है।
दानापुर दियारा में भी हालात चिंताजनक
दानापुर दियारा के पानापुर, मानस, पुरानी पानापुर, हेतनपुर और पतलापुर जैसे इलाकों में भी बाढ़ का पानी फैल गया है। खेतों और चारा उपलब्ध कराने वाले क्षेत्रों के डूबने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
कई लोग पानी में उतरकर स्टीमर तक पहुंच रहे हैं और वहां से शहर जाकर जरूरी सामान खरीद रहे हैं। जलमग्न रास्तों के कारण दियारा क्षेत्र के स्कूलों में जाने वाले शिक्षकों को भी परेशानी हो रही है, जिसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बढ़ी चिंता
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा को लेकर भी ग्रामीण चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब होने या आपात स्थिति पैदा होने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीम, जरूरी दवाइयां और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
राहत-बचाव की व्यवस्था पर टिकी नजर
गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ दानापुर और मनेर दियारा के ग्रामीणों की चुनौतियां भी बढ़ती जा रही हैं। सड़कें और गांवों के रास्ते पानी में डूबने के साथ खेतों में जलभराव और पशुओं के चारे की समस्या गंभीर होती जा रही है।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की राहत व्यवस्था पर है। प्रभावित इलाकों में नाव, राहत सामग्री, स्वास्थ्य सुविधाएं और पशु चारे की पर्याप्त व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गई है।



