
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध ‘भीमबांध ईको-पर्यटन क्षेत्र’ का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यटन स्थल पर चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की जमीनी समीक्षा की और बुनियादी ढांचे का जायजा लिया। भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय आदिवासी समाज के लोगों के साथ चौपाल लगाकर सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं और जन-आकांक्षाएं सुनीं तथा प्रशासनिक अधिकारियों को सभी समस्याओं के त्वरित व समयबद्ध समाधान का सख्त निर्देश दिया। अपने बीच मुख्यमंत्री को पाकर स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने पारंपरिक उत्साह और नारेबाजी के साथ मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। संवाद कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में बुनियादी नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए एक मांग पत्र सौंपा। इसमें मुख्य रूप से आवागमन के लिए पक्की सड़कों का निर्माण, हर घर तक शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति, युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए हाई स्कूल की स्थापना, कृषि को प्रोत्साहन देने हेतु सिंचाई नहर का निर्माण तथा सामाजिक आयोजनों के लिए एक सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण की मांग प्रमुखता से रखी गई।
पर्यटन प्रोत्साहन के साथ स्थानीय कल्याण प्राथमिकता
ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार राज्य के हर वंचित और पिछड़े वर्ग, विशेष रूप से आदिवासी समुदाय के सर्वांगीण उत्थान के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र के विकास से जुड़ी सभी जन- उपयोगी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा भीमबांध में ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक सुंदरता के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय निवासियों का आर्थिक व सामाजिक कल्याण सुनिश्चित करना है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में गन्ना उद्योग सह मुंगेर जिले के प्रभारी मंत्री संजय कुमार, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र, सांसद अरुण भारती, विधायक कुमार प्रणय, विधायक मनीष कुमार एवं पूर्व विधायक राजीव कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे और क्षेत्र के विकास पर अपने विचार साझा किए।इसके अतिरिक्त प्रशासनिक स्तर पर राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, डीआईजी राकेश कुमार, मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर तथा पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद समेत शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



