
पटना। बिहार में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को नई उड़ान देने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने एक बड़ी सौगात दी है। उत्तर बिहार के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक चार लेन हाईवे के निर्माण को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना पर करीब 3,591 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। नए फोरलेन हाईवे के बनने से न सिर्फ मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा के बीच सड़क संपर्क विश्वस्तरीय होगा, बल्कि नेपाल सीमा तक आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।इस सड़क परियोजना के पूरा होने से उत्तर बिहार के प्रमुख क्षेत्रों के बीच यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा। मौजूदा समय में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी के बीच लगने वाले भीषण जाम से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से यात्रियों के साथ-साथ मालवाहक वाहनों की आवाजाही भी आसान होगी, जिससे यात्रा में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी। इसके अलावा, नेपाल सीमा से सीधा जुड़ाव होने के कारण बाजारों तक सामान की सुगम आवाजाही सुनिश्चित होगी, जो स्थानीय कारोबार और आर्थिक विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। साथ ही, माता जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी सफर बेहद सुविधाजनक हो जाएगा।सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही केंद्र सरकार ने रेलवे के विकास पर भी बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने इसके अलावा देश भर में करीब 9,450 करोड़ रुपये की लागत वाली चार नई मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को भी अपनी स्वीकृति प्रदान की है। इन रेल परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के आठ जिलों को सीधा फायदा पहुंचेगा। इन मेगा परियोजनाओं के पूरा होने के बाद देश के रेलवे नेटवर्क की क्षमता में करीब 410 किलोमीटर का विस्तार होगा, जिससे माल ढुलाई और यात्री ट्रेनों के सुचारू संचालन में अभूतपूर्व मदद मिलेगी।



