newspatna

डस्टबिन घोटाला: प्रशांत किशोर का तेजस्वी और मंगल पांडेय पर तीखा हमला, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

डस्टबिन घोटाले में जन सुराज के सूत्रधार का दावा- तेजस्वी के समय बनी योजना, मंगल पांडेय के कार्यकाल में हुई खरीद; उच्चस्तरीय जांच की उठाई मांग।

पटना। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने स्वास्थ्य विभाग के बहुचर्चित डस्टबिन घोटाले को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय दोनों पर करारा प्रहार किया है। मुजफ्फरपुर में उन्होंने मांग की है कि इस भ्रष्टाचार के मामले में दोनों नेताओं की भूमिका की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग में डस्टबिन खरीद की प्रक्रिया उस वक्त शुरू हुई थी, जब सूबे में महागठबंधन की सरकार थी और स्वास्थ्य मंत्रालय की कमान तेजस्वी यादव के हाथों में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घोटाले की रूपरेखा तेजस्वी के कार्यकाल में ही तैयार कर ली गई थी। बाद में जब राज्य में एनडीए की सरकार बनी, तो तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के कार्यकाल में इस खरीद प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया गया। पीके ने स्पष्ट किया कि जब भ्रष्टाचार की शुरुआत और उसका अंत दो अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में हुआ है, तो केवल एक पक्ष को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।

दिल्ली में मंत्री की पिटाई पर भी उठाए सवाल

डस्टबिन घोटाले के अलावा प्रशांत किशोर ने दिल्ली में बिहार के एक मौजूदा मंत्री को जूता-चप्पल से पीटे जाने की कथित घटना को लेकर भी राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि सूबे के एक मंत्री पर दिल्ली में एक युवती के साथ खुलेआम छेड़खानी का गंभीर आरोप लगा है। इस कृत्य के बाद आक्रोशित भीड़ ने उनकी जूतों-चप्पलों से पिटाई कर दी। पीके ने इस घटना को लेकर राज्य के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि जब किसी सूबे के मुखिया का ही चरित्र दागदार और अपराधी प्रवृत्ति का हो, तो ऐसी घिनौनी घटनाएं स्वाभाविक हो जाती हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि व्यवस्था के शीर्ष पर बैठे लोगों का आचरण स्वच्छ नहीं होगा, तो मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों द्वारा ऐसी अलोकतांत्रिक व शर्मनाक करतूतें जनता को आगे भी सुनने को मिलती रहेंगी।

Related Articles

Back to top button