
पटना। बिहार विधानसभा के माननीय सदस्यों के आवासीय परिसर में आ रही समस्याओं का अब जल्द ही स्थायी समाधान होगा। इसके साथ ही, राजधानी पटना में निर्माणाधीन बिहार विधानसभा का भव्य संग्रहालय अगले साल मई तक पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा। शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में भवन निर्माण विभाग की मंत्री लेशी सिंह के साथ एक अहम और उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में वीरचंद पटेल पथ स्थित नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर में मूलभूत सुविधाओं की कमी, आवास आवंटन की प्रक्रिया और विधानसभा संग्रहालय के निर्माण की प्रगति सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने आवासीय परिसर में रह रहे विधायकों को हो रही दिन-प्रतिदिन की समस्याओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मंत्री को जमीनी हकीकत से अवगत कराते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की। इस पर भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने अध्यक्ष को पूरी तरह से आश्वस्त किया कि विधायक आवास से जुड़ी हर समस्या का शीघ्र अति शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधायकों के लिए आवश्यक सभी मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि उन्हें अपने विधायी कार्यों के निर्वहन में कोई भी कठिनाई न हो।
पूर्व विधायकों पर एक्शन के मूड में सरकार
आवास आवंटन के मुद्दे पर विचार-विमर्श करते हुए यह तय किया गया कि तीन या उससे अधिक बार निर्वाचित होने वाले वरिष्ठ विधायकों के अनुरोध पर, उन्हें नवनिर्मित परिसर से बाहर भी सरकारी आवास आवंटित किए जाएंगे। इसके अलावा, विधानसभा के सचेतकों को भी परिसर से बाहर आवास मिलेगा। सबसे कड़ा फैसला उन पूर्व विधायकों के खिलाफ लिया गया, जो कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद अनधिकृत रूप से आवासों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने बताया कि ऐसे पूर्व सदस्यों से सख्ती से आवास खाली कराने की कार्रवाई जारी है और उनसे नियमानुसार दंडात्मक किराए की वसूली भी की जा रही है। कई नए विधायकों को आवास आवंटित किए जा चुके हैं।आवासीय परिसर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया कि फेज-1 और फेज-2 की तर्ज पर अब फेज-3 में भी ‘कॉम्फेड’ और ‘वेजफेड’ जैसी सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएंगी। विधानसभा पूल के आवासों की समयबद्ध मरम्मत का कार्य जल्द शुरू होगा। परिसर में साफ-सफाई और रखरखाव का जिम्मा संभालने वाली एजेंसी के कार्यों की भी कड़ी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आवासों के आसपास बेतरतीब ढंग से उगे पौधों की छंटाई का कार्य शीघ्र कराया जाए और एजेंसी के कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट सचिवालय को सौंपी जाए।
बिहार विधानसभा संग्रहालय को लेकर अहम बैठक
बैठक का दूसरा अहम विषय विधानसभा संग्रहालय का निर्माण रहा। नई दिल्ली के संसद भवन और ‘प्रधानमंत्री संग्रहालय’ के अध्ययन दौरे से लौटी संयुक्त टीम ने अपनी रिपोर्ट पेश की। दिल्ली के अनुभवों के आधार पर निर्माणाधीन संग्रहालय के डिजाइन में कुछ आकर्षक बदलाव किए गए हैं। प्रस्तुतीकरण के दौरान डॉ. प्रेम कुमार ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक के बाद अध्यक्ष ने मंत्री लेशी सिंह, सचिव प्रणव कुमार और सभा सचिवालय के प्रभारी सचिव संजय कुमार सिंह के साथ निर्माण स्थल का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य में तेजी लाने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इसे अगले वर्ष मई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि यह भव्य इमारत जल्द बनकर तैयार हो सके।



