
पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद ‘जन सुराज’ के सूत्रधार प्रशांत किशोर अब पूरे बिहार में अपना जनाधार मजबूत करने की तैयारी में जुट गए हैं। पार्टी को केवल एक सीट तक सीमित न रखते हुए, पीके आगामी 15 सितंबर से राज्य के सभी 38 जिलों की एक नई और व्यापक यात्रा पर निकलने वाले हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पंचायत और बूथ स्तर पर जन सुराज के संगठन का विस्तार करना है।पश्चिमी चंपारण से हो सकता है शंखनादपार्टी सूत्रों के अनुसार, इस नई यात्रा को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। एक चरण में 3 से 4 जिलों को शामिल करने की योजना है। संभावना जताई जा रही है कि यात्रा का शंखनाद पश्चिमी चंपारण से होगा, जो प्रतीकात्मक रूप से अहम है क्योंकि 2022 में पीके ने यहीं के भितिहरवा गांधी आश्रम से अपनी पहली पदयात्रा शुरू की थी। इस दौरान गांवों और कस्बों में जनता से सीधा संवाद किया जाएगा और नए चेहरों को पार्टी से जोड़ने के लिए सदस्यता अभियान तेज किया जाएगा।MLC और पंचायत चुनाव पर है सीधी नजरबांकीपुर में भाजपा के मजबूत गढ़ को भेदकर 19,324 वोटों से मिली जीत ने जन सुराज के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है। प्रशांत किशोर की इस नई यात्रा का सीधा लक्ष्य नवंबर 2026 में प्रस्तावित विधान परिषद (MLC) के शिक्षक और स्नातक कोटे के चुनाव तथा 2027 के पंचायत चुनावों के लिए मजबूत जमीन तैयार करना है।सरकार की नीतियों पर हमलावर रहेगा जन सुराजइस अभियान के दौरान जन सुराज केवल संगठन ही नहीं बढ़ाएगा, बल्कि बेरोजगारी, खस्ताहाल शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था और पलायन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर मौजूदा सरकार को घेरने की भी तैयारी है। प्रशांत किशोर पहले ही बिहार की सड़कों पर 3,500 किलोमीटर की लंबी पदयात्रा कर चुके हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि बांकीपुर की सफलता के बाद यह 38 जिलों की नई यात्रा जन सुराज को राज्य की राजनीति में कितनी मजबूत ताकत बनाती है।



