
पटना। सावन की तीसरी सोमवारी के मौके पर अशोक धाम मंदिर में मची भगदड़ के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। हादसे के पीड़ितों और घायलों से मिलने मंगलवार को लखीसराय पहुंचे प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार और स्थानीय जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर बरती गई लापरवाही की वजह से सात श्रद्धालुओं को अपनी जान गंवानी पड़ी और 25 लोग घायल हो गए।पीड़ित परिवारों और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि सावन के दौरान हर साल यहां भारी भीड़ उमड़ती है, फिर भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के वरीय पुलिस अधिकारी रात के समय मुख्यालय में मौजूद नहीं रहते, जिससे स्थिति बिगड़ने पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया जा सका।राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख और घायलों को मामूली राशि देकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है। हादसे के बाद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी या पुलिसकर्मी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार तक के समुचित साधन उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण अधिकांश घायलों को शाम होते-होते निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।



