
पटना। बिहार के जमुई जिले में एक छात्रा के साथ हुई छेड़खानी और दुर्व्यवहार की गंभीर घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर विपक्षी दल पूरी तरह आक्रामक हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना की कड़ी भर्त्सना करते हुए राज्य की एनडीए सरकार की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए हैं और सरकार को आड़े हाथों लिया है। पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि जमुई में हुई यह घटना अत्यंत दुखद और निंदनीय है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस पुराने बयान का पुरजोर जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार में अब लड़कियां रात के वक्त भी बेखौफ और स्वतंत्र होकर घूम रही हैं। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि सम्राट चौधरी के इसी दावे पर यह घटना एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा, “इन्हें न तो कोई शर्म है और ना ही लाज रह गई है। इस तरह की शर्मनाक घटनाओं के बाद भी सरकार आंखें मूंदकर बैठी है।”
‘सम्राट चौधरी के दावों की खुली पोल’
तेजस्वी यादव ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक भयावह तस्वीर पेश की। उन्होंने दावा किया कि आज बिहार की बेटियां दिन हो या रात, स्कूल-कॉलेज हो, सड़क हो या हॉस्टल, घर के अंदर हो या बाहर—कहीं भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सूबे की किसी भी लड़की से जमीनी हकीकत पूछ लीजिए, डर का माहौल साफ नजर आएगा। सबसे बड़ा दुखद पहलू यह है कि जहां पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए सरकार को तत्काल और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, वहां प्रशासनिक स्तर पर मामलों को दबाने और छिपाने का कुत्सित प्रयास किया जाता है। दिनदहाड़े हो रही ऐसी वारदातों पर गहरी चिंता जताते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार में एक बार फिर से पूरी तरह से ‘गुंडाराज’ कायम हो चुका है। अपराधी बेलगाम होकर तांडव मचा रहे हैं और आम जनता भय के साये में जीने को मजबूर है। हत्या, लूट, अपहरण और छेड़खानी जैसी जघन्य वारदातें आम बात हो गई हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों का समर्थन करते हुए तेजस्वी ने दोहाराया कि बिहार का लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से फ्लॉप हो चुका है।उन्होंने अंत में कहा कि बिहार की जनता इस नाकाबिल सरकार के कुशासन को अब और अधिक बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है, और आने वाले दिनों में इसका जवाब जनता जरूर देगी। इस राजनीतिक सरगर्मी के बाद राज्य का सियासी पारा एक बार फिर उफान पर है।



