newsबिहारशिक्षा

नई शिक्षण विधाओं से छात्रों का भविष्य संवार रहे शिक्षक, सम्मान से बदल रही बिहार की शिक्षा व्यवस्था

प्राथमिक विद्यालय जयंती ग्राम, खगड़िया की शिक्षिका मधु कुमारी को शिक्षक दिवस (5 सितंबर 2026) के अवसर पर बिहार में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए राजकीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। मधु कुमारी बताती हैं कि,”शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग और नवाचार के लिए हम लोगों को सम्मान मिला है। सरकार के प्रयासों से ही यह संभव हो पा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी के हाथों सम्मानित होना अपने आप में गर्व की बात है। शिक्षक दिवस के दिन एक शिक्षक का सम्मान दूसरे शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा बनता है कि वे शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर से बेहतर काम करें।”

शिक्षक दिवस के अवसर पर पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित समारोह में बिहार के 38 बेहतरीन शिक्षकों को राजकीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया, जिनमें 17 महिला शिक्षक भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के हाथों उन्हें स्मृति चिह्न, प्रशस्ति-पत्र, अंगवस्त्र और चेक प्रदान किए गए।

बिहार सरकार हर वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, उत्कृष्ट पठन-पाठन और स्कूलों के विकास में असाधारण योगदान देने वाले शिक्षकों को राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करती है। इस सम्मान से न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि अन्य शिक्षकों को भी अपनी शिक्षण शैली को बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलती है।

बिहार के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि राज्य के प्रत्येक जिले से अनिवार्य रूप से एक योग्य शिक्षक का चयन इस राजकीय सम्मान के लिए किया गया हो। शिक्षकों के चयन में नए और रचनात्मक शिक्षण तरीके, स्कूल के माहौल व सुविधाओं में सुधार, छात्रों की शैक्षणिक सफलता, शिक्षकों और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति तथा अभिभावकों और समाज के साथ बेहतर जुड़ाव को मुख्य मानक बनाया गया।

इसके अलावा शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में बिहार की शिक्षिकाओं खुशबू कुमारी और पुष्पा प्रसाद को महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया है। बांका की खुशबू कुमारी ने बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए नए और आसान तरीकों को अपनाया, वहीं गोपालगंज की पुष्पा प्रसाद ने पढ़ाई में नए तरीकों और तकनीक का इस्तेमाल कर बच्चों के सीखने को बेहतर बनाने का काम किया।

इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि,”शिक्षकों के बेहतर प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास के लिए ‘शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय’ की स्थापना की जाएगी। वित्त रहित शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग से वेतनमान की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। Microsoft, Google एवं Sarvam AI जैसी अग्रणी तकनीकी संस्थाओं के सहयोग से बिहार में आधुनिक AI इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसी दिशा में शिक्षा विभाग और Google के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया।”

पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों ने क्या कहा?

“यह पुरस्कार हमें हमारी जिम्मेदारी को और बढ़ाता है। सभी शिक्षकों को बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए पूरी लगन और समर्पण के साथ काम करना चाहिए। सरकारी विद्यालय ही बच्चों के सपनों की पहली पाठशाला होती हैं।”
पुनीता कुमारी
नवसृजित प्राथमिक विद्यालय बलरा, दुसाध टोली

“माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के द्वारा जो मॉडल स्कूल खोला गया है, उसमें जो शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग माड्यूल किया गया था, उसमें भी मैं शामिल थी। जमीनी स्तर पर शिक्षा में काफी बदलाव हो रहा है। अब मुझे राजकीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया। यह मेरे लिए अत्यंत गर्व, गौरव और भावुक कर देने वाला क्षण है। मैं इस सम्मान के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।”
चंचला तिवारी
प्रधानाध्यापक,
उत्क्रमित उच्च विद्यालय,सारण

“बच्चों के साथ एक नई विधा के जरिए उनके जीवन के बारे में जानना और उनको बताना…जैसे पोक्सो एक्ट, बैड टच..गुड टच..। शिक्षा के क्षेत्र में जो नई योजनाएं सरकार के द्वारा चलाई जा रही है..वह काफी शानदार है।”
निवेदिता कुमारी
प्राथमिक विद्यालय, हरिजन टोला, भागलपुर

Related Articles

Back to top button