
बिहार में सरकारी बसों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब बस स्टैंड पर घंटों खड़े होकर बस का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम यानी बीएसआरटीसी यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करने जा रहा है। इस ऐप का नाम होगा ‘Where Is My Bus’ जिसे 15 अगस्त के मौके पर लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है।
इस ऐप के जरिए यात्री अपने मोबाइल पर ही बस की लाइव लोकेशन देख सकेंगे। यानी आपकी बस इस समय कहां है, कितनी देर में आपके स्टॉप तक पहुंचेगी, किस रूट से होकर आएगी और किराया कितना होगा, इसकी पूरी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी। इससे यात्रियों को बस स्टैंड या पूछताछ केंद्र के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बीएसआरटीसी का कहना है कि यह ऐप रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम पर आधारित होगा। यात्री बस की हर गतिविधि पर नजर रख सकेंगे और अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और अनिश्चितता भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
इस ऐप की एक और बड़ी खासियत ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा होगी। यात्री घर बैठे किसी भी समय अपनी सीट बुक कर सकेंगे और डिजिटल पेमेंट के जरिए टिकट खरीद सकेंगे। इससे टिकट काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों से भी राहत मिलेगी।
यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी जो नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में बिहार से बाहर रहते हैं। छठ, होली, दीपावली और दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों के दौरान वे पहले से टिकट बुक कर आसानी से अपने घर लौट सकेंगे।
बीएसआरटीसी इस ऐप के जरिए बस संचालन व्यवस्था में भी सुधार लाने की तैयारी कर रहा है। राजधानी पटना समेत कई शहरों में बसों के कहीं भी रुक जाने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। अब निगम प्रमुख बस स्टॉप चिन्हित करेगा और चालकों को केवल निर्धारित स्टॉपेज पर ही बस रोकने के निर्देश दिए जाएंगे। इससे यातायात व्यवस्था भी बेहतर होने की उम्मीद है।
ऐप के संचालन और तकनीकी प्रबंधन के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद एक अनुभवी एजेंसी का चयन होगा, जो ऐप की निगरानी और तकनीकी सहायता का जिम्मा संभालेगी।
‘Where Is My Bus’ ऐप के जरिए यात्रियों को लाइव लोकेशन, अनुमानित आगमन समय, ऑनलाइन टिकट बुकिंग, डिजिटल भुगतान, बस स्टॉप की जानकारी और आधिकारिक किराया सूची जैसी कई सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी।
अगर यह योजना सफल रही तो बिहार की सरकारी बस सेवा पूरी तरह डिजिटल और पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक बन जाएगी। यात्रियों का सफर आसान होगा, समय की बचत होगी और परिवहन व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।



