
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए चुनाव के बाद अब राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज हो गई हैं। मतगणना से ठीक पहले मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने मतों की गिनती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताई है। इसे लेकर राजद के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुंचकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष एवं पारदर्शी सुनिश्चित करने की मांग की है।पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राजद के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें अपनी हार का कोई डर नहीं है, बल्कि उन्हें प्रक्रिया में धांधली की गहरी शंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग वोटों की गिनती में हेराफेरी करने में माहिर हैं। डॉ. सिंह ने चुनाव आयोग से स्पष्ट मांग की है कि मतगणना के दौरान सबसे पहले अवैध मतों (इनवैलिड वोट) को अलग कर उनकी गिनती की जाए। इसके बाद ही वैध मतों (वैलिड वोट) की गिनती शुरू होनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह के भ्रम या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव का किया जिक्र
अपनी आशंकाओं का आधार बताते हुए राजद प्रत्याशी ने हालिया चंडीगढ़ मेयर चुनाव विवाद का प्रमुखता से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां किस तरह पेन के माध्यम से बैलेट पेपर पर कथित रूप से गड़बड़ी कर चुनाव के नतीजों को प्रभावित किया गया था। चुनाव आयोग से उन्होंने मांग की कि बिहार में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि मतदान के दिन जिस रंग की स्याही वाले पेन का इस्तेमाल वोट डालने के लिए किया गया है, मतगणना के दिन उस रंग का कोई भी पेन लेकर किसी भी व्यक्ति को मतगणना केंद्र के भीतर प्रवेश करने की अनुमति न दी जाए। डॉ. संजीव कुमार सिंह ने कहा कि जिस तरह मतदान के दिन राजद के कार्यकर्ताओं ने मुस्तैदी दिखाई थी, उसी तरह मतगणना के दिन भी वे पूरी तरह चौकन्ने रहेंगे। उन्होंने निर्वाचन आयोग से यह भी मांग की है कि जिन अधिकारियों की कार्यशैली पूर्व में संदिग्ध रही है, उन्हें मतगणना की जिम्मेदारी से तत्काल प्रभाव से अलग रखा जाए। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि राजद इन चुनावों में शानदार जीत दर्ज करने जा रही है।
पूर्व सीएम नीतीश और जदयू की अंतर्कलह पर प्रहार
मतगणना की चिंताओं के साथ-साथ डॉ. संजीव कुमार सिंह ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राजनीतिक हालात पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य का विशेष रूप से हवाला देते हुए कहा कि जब से उनकी तबीयत खराब रहने लगी थी, तभी से राज्य की व्यवस्था चरमरा गई थी। उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री रहते हुए ही पद से बेदखल कर दिया गया था।डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान में जदयू के भीतर कुछ अन्य नेताओं का प्रभाव अनुचित रूप से बढ़ गया है और पार्टी के अंदर सत्ता की भयंकर लड़ाई चल रही है। उन्होंने दावा किया कि जदयू के जमीनी कार्यकर्ता अपने नेतृत्व से नाराज हैं और पार्टी में जल्द एक बड़ी टूट देखने को मिल सकती है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने ही सहयोगी दल जदयू को तोड़ने की कोशिश कर रही है। राजद नेता ने कटाक्ष किया कि जदयू में अब उन नेताओं का हावी होना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिनकी अपने ही चुनाव में जमानत जब्त हो जाती है।बाहुबली नेता अनंत सिंह के राजद छोड़कर जदयू का दामन थामने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अनंत सिंह को अपनी पार्टी छोड़कर जदयू में नहीं जाना चाहिए था। फिलहाल, विधान परिषद की 8 सीटों के नतीजों का सभी को बेसब्री से इंतजार है, जिसने बिहार का सियासी पारा एक बार फिर चढ़ा दिया है।



