
बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ ने अपने पहले ही चुनावी रण में बड़ा राजनीतिक धमाका किया है। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित चुनाव परिणामों में जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने एक ऐतिहासिक और शानदार जीत दर्ज कर ली है। उन्होंने इस सीट पर लगातार दो बार से काबिज रहे दिग्गज नेता डॉ. मदन मोहन झा को कड़े मुकाबले में 406 मतों के अंतर से करारी शिकस्त दी है। इस अप्रत्याशित जीत के साथ ही जन सुराज ने बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में अपनी बेहद मजबूत उपस्थिति दर्ज करा दी है, जिसने स्थापित राजनीतिक दलों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।मतगणना केंद्र पर सुबह से ही गहमागहमी और भारी उत्साह का माहौल था। जैसे-जैसे मतपेटियां खुल रही थीं और मतों की गिनती आगे बढ़ रही थी, प्रत्याशियों के समर्थकों की धड़कनें तेज होती जा रही थीं। प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रथम वरीयता के मतों की गिनती के बाद से ही डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर स्पष्ट बढ़त बना ली थी। पहली वरीयता में डॉ. सुरेश प्रसाद राय को कुल 2,574 वोट हासिल हुए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा 2,187 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। जनता दल (यूनाइटेड) के प्रत्याशी घनश्याम राय और राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार डॉ. कुंवर राय (कुमर राय) भी इस चुनावी महासमर में अपनी किस्मत आजमा रहे थे, लेकिन वे मुख्य लड़ाई में कहीं नहीं टिक सके।
दरभंगा MLC चुनाव में बड़ा उलटफेर
चूंकि इस प्रतिष्ठित सीट पर जीत के लिए 3,749 वोटों का कोटा निर्धारित किया गया था और किसी भी प्रत्याशी को पहली वरीयता में यह जादुई आंकड़ा (पूर्ण कोटा) नहीं मिल सका, इसलिए निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत दूसरी वरीयता (एलिमिनेशन राउंड) के मतों की गिनती की प्रक्रिया शुरू की गई। दूसरी वरीयता के मतों की गिनती में भी जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. राय ने अपना दबदबा और बढ़त कायम रखी। अंततः उन्होंने 406 वोटों के निर्णायक अंतर से अपनी जीत का परचम लहरा दिया।चुनाव परिणाम के स्पष्ट होते ही जन सुराज के खेमे में जश्न का माहौल छा गया। समर्थक एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाने लगे। दूसरी तरफ, मतगणना केंद्र से बाहर निकले दिग्गज कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. मदन मोहन झा के चेहरे पर निराशा साफ देखी जा सकती थी। हालांकि, शुरुआती रुझानों के दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला है और कांटे की टक्कर बनी हुई है, लेकिन अंतिम परिणाम उनके पक्ष में नहीं आ सका।
सियासत में जन सुराज की धांसू एंट्री
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम घोषित होने के बाद अब सभी राजनीतिक पंडितों और आम जनता की निगाहें दरभंगा स्नातक (ग्रेजुएट) निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना पर टिक गई हैं। शिक्षक सीट के नतीजे आने के बाद ही स्नातक सीट के लिए मतों की गिनती की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस महत्वपूर्ण सीट पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के सर्वेश कुमार, राष्ट्रीय जनता दल के अनिल कुमार झा, कांग्रेस के रजनीकांत पाठक और जन सुराज पार्टी के डॉ. मोहम्मद इम्तियाज नूरानी के बीच है। चुनाव आयोग और जिला प्रशासन की ओर से मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस बीच, दरभंगा के जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर स्नातक सीट के परिणामों को लेकर पहले से ही वायरल हो रही भ्रामक और फर्जी खबरों का कड़ाई से खंडन किया है और लोगों से केवल आधिकारिक घोषणा पर ही विश्वास करने की अपील की है।



