newspatnarajnitiबिहारराजनीति

बिहार सरकार का ‘डिजिटल स्ट्राइक’! अब एक क्लिक पर खुलेगा 48 विभागों का कच्चा-चिट्ठा।

पटना। सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में बिहार सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य में विकास योजनाओं को धरातल पर समयबद्ध तरीके से उतारने और कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजधानी पटना में ‘संकल्प’ डैशबोर्ड और ‘समन्वय’ पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। इन दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य सरकार के सभी 48 विभागों की योजनाओं, महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की अब सीधे मुख्यमंत्री स्तर से डिजिटल निगरानी की जाएगी। सरकार का मुख्य जोर केंद्र से मिलने वाली राशि के शत-प्रतिशत उपयोग, बिहार की राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार और सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने पर है।

एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगे 48 विभागों के आंकड़े

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव संजय कुमार सिंह ने एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ‘संकल्प’ डैशबोर्ड एवं ‘समन्वय’ पोर्टल की उपयोगिता और कार्यपद्धति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा और दिशा-निर्देशों पर ही इन आधुनिक पोर्टल्स का निर्माण किया गया है। अब सभी 48 विभागों के मुख्य कार्य एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। ‘संकल्प’ डैशबोर्ड में छह प्रमुख मॉड्यूल बनाए गए हैं- मुख्यमंत्री-स्तरीय अनुश्रवण, परियोजना एवं निवेश, विभागीय प्रस्तुतीकरण, निष्पादन एवं रैंकिंग, समन्वय एवं एस्केलेशन तथा क्षेत्र एवं जन-संपर्क। इसे 20 से अधिक सब-मॉड्यूल में बांटा गया है, जिनमें सरकारी योजनाओं का पूरा ब्यौरा रहेगा। समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों और कैबिनेट के अहम फैसलों पर हुई कार्रवाई की भी पल-पल की निगरानी होगी। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि ‘समन्वय’ पोर्टल के माध्यम से बिहार और भारत सरकार के बीच बेहतर को-ऑर्डिनेशन स्थापित किया जाएगा। दिल्ली में पदस्थापित रेजिडेंट कमिश्नर इसके जरिए लगातार समन्वय करेंगे। भारत सरकार द्वारा संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं का राज्य में बेहतर ढंग से क्रियान्वयन हो सकेगा। इसके साथ ही, केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता राशि का समय पर और सही मद में सदुपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे कार्यों की गति बाधित न हो।

सीसीटीवी कैमरों से होगी अपराध और व्यवस्था की निगरानी

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था और शहरी प्रबंधन पर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायतीराज और नगर विकास एवं आवास विभाग तय लक्ष्यों के अनुरूप प्रदेश भर में सीसीटीवी कैमरे लगवाएं और इनकी एकीकृत मॉनीटरिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वर्तमान में पटना शहर में 2500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन बढ़ती जरूरतों को देखते हुए राजधानी में और अधिक कैमरे लगाने की सख्त आवश्यकता है। इनकी इंटीग्रेटेड निगरानी भी इसी पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। जनहित के कार्यों का निष्पादन तय समय सीमा के भीतर हो, क्योंकि सरकार का अंतिम लक्ष्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्था जितनी पारदर्शी होगी, शासन-प्रशासन उतना ही अच्छा होगा और तभी बिहार तेज गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता, पीएचईडी मंत्री संजय कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह व संजय कुमार सिंह सहित राज्य के सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव और अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button