
बिहार के विधायी इतिहास में मंगलवार का दिन एक नई इबारत लिख गया। वरिष्ठ राजनेता, प्रख्यात शिक्षाविद् और विधान परिषद के पूर्व उपसभापति डॉ. (प्रो.) राम बचन राय ने बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति का महत्वपूर्ण दायित्व संभाल लिया है। उनके इस पद पर आसीन होने के साथ ही राजनीतिक गलियारों में बधाइयों का तांता लग गया है। आज हर तरफ चर्चा बिहार की सियासत और इस महत्वपूर्ण नियुक्ति की हो रही है।ग्रामीण विकास एवं सूचना जन-संपर्क विभाग के मंत्री तथा जनता दल (यूनाइटेड) विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने मंगलवार को सभापति के कार्यालय कक्ष में पहुंचकर डॉ. राय से शिष्टाचार भेंट की। मंत्री ने उन्हें अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि डॉ. राम बचन राय का इस शीर्ष पद पर पहुंचना राज्य के सामाजिक समीकरणों के लिहाज से एक बड़ा संदेश है। डॉ. राय अतिपिछड़ा समाज से आते हैं और बिहार विधान परिषद में इस समाज से सभापति बनने वाले वे मात्र दूसरे व्यक्ति हैं। यही कारण है कि इस फैसले से पूरे प्रदेश के अतिपिछड़ा वर्ग में खुशी और उत्साह की लहर दौड़ गई है।
शिक्षा और सियासत का अनूठा संगम
राजनीति के साथ-साथ डॉ. राय का शैक्षणिक और साहित्यिक सफर भी बेहद समृद्ध रहा है। वे पटना विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष जैसी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। साहित्य और सामाजिक सरोकारों से उनका दशकों पुराना जुड़ाव रहा है। उनकी छवि एक ऐसे राजनेता की है जो शब्दों की मर्यादा और संसदीय मूल्यों को भली-भांति समझता है। मंत्री श्रवण कुमार ने विश्वास जताया कि उच्च शिक्षा, साहित्य और विधायी कार्यों का ऐसा अनूठा मिश्रण विधान परिषद की कार्यवाही को एक नई और सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा। उनके विस्तृत अनुभव का सीधा लाभ राज्य की जनता और सदन को मिलेगा। डॉ. राम बचन राय का विधायी अनुभव काफी लंबा और परिपक्व रहा है। वर्ष 2021 में उन्हें राज्यपाल कोटे से बिहार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया था। इससे पहले वर्ष 2015 में वे विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता भी बनाए गए थे। जुलाई 2024 से वे लगातार सदन के उपसभापति के रूप में कार्य करते आ रहे थे। इस सुदीर्घ अनुभव ने उन्हें सदन संचालन, संसदीय मर्यादाओं और नियमों की एक गहरी और पारदर्शी समझ दी है, जो उच्च सदन के संचालन में मील का पत्थर साबित होगी।
संसदीय नियमों और परंपराओं के ज्ञाता
समारोह के अंत में मंत्री श्रवण कुमार ने डॉ. राय को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल और ऐतिहासिक कार्यकाल की कामना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. राय के नेतृत्व में लोकतांत्रिक परंपराएं और अधिक मजबूत होंगी। इस मौके पर विधान परिषद सदस्य संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, सदस्य वीरेंद्र नारायण यादव और एमएलसी ललन प्रसाद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और नव-नियुक्त कार्यकारी सभापति को अपनी शुभकामनाएं दीं।



