
पटना। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने शनिवार को गांधी जयंती के अवसर पर दरभंगा में केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई भारी सुरक्षा व्यवस्था और अघोषित पाबंदियों को लेकर उन्होंने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। सांसद ने इसे आम नागरिक की संवैधानिक स्वतंत्रता का हनन बताते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में विपक्ष और आम जनता की आवाज़ को पुलिसिया तंत्र के बल पर दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत निंदनीय है।सांसद पप्पू यादव ने दिल्ली में लगाई गई पाबंदियों का विस्तार से जिक्र करते हुए कहा कि महात्मा गांधी की जयंती जैसे पवित्र और राष्ट्रीय पर्व के दिन आम लोगों की आवाजाही को जबरन बाधित किया गया। उन्होंने दिल्ली मेट्रो के कई प्रमुख स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों को 11 घंटे तक बंद रखने के फैसले पर कड़ा रोष व्यक्त किया। पूर्णिया सांसद ने सवाल उठाया कि एक तरफ केंद्र सरकार आम आदमी की सहूलियत और आजादी के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ जंतर-मंतर जैसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन स्थलों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया जाता है। बातों ही बातों में उन्होंने प्रशासन को घेरते हुए राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा की लचर स्थिति पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की।
वोट चोरों पर चले राष्ट्रद्रोह का केस
इस दौरान पप्पू यादव के निशाने पर सबसे अधिक चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की वर्तमान कार्यशैली रही। उन्होंने मताधिकार और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर गहरी चिंता जाहिर करते हुए गंभीर आरोप लगाए। सांसद ने कहा कि एक सुनियोजित साजिश के तहत आम आदमी के मतदान के अधिकार को प्रभावित करने और उसे छीनने की लगातार कोशिश की जा रही है। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में मांग करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति, अधिकारी या संस्था वोट की चोरी में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संलिप्त पाई जाए, उस पर सीधे राष्ट्रद्रोह (देशद्रोह) का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने ऐसे दोषियों के लिए अविलंब फांसी की सजा का भी आह्वान किया।विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) के सुर में सुर मिलाते हुए पप्पू यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगातार उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के मुद्दों का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम काटने वाले ‘फॉर्म-7’ के कथित दुरुपयोग और टीसीएस (TCS) से जुड़े कथित सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर बड़ा सवालिया निशान लगाया। सांसद ने कहा कि राहुल गांधी लगातार मतदाता सूची में हेरफेर और चुनाव की पारदर्शिता से जुड़े अहम सवाल देश के सामने रख रहे हैं, लेकिन सरकार और चुनाव आयोग दोनों ही जवाबदेही से बच रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
गांधी जयंती पर दिल्ली में पाबंदी क्यों?
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA) के सुर में सुर मिलाते हुए पप्पू यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगातार उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के मुद्दों का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम काटने वाले ‘फॉर्म-7’ के कथित दुरुपयोग और टीसीएस (TCS) से जुड़े कथित सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर बड़ा सवालिया निशान लगाया। सांसद ने कहा कि राहुल गांधी लगातार मतदाता सूची में हेरफेर और चुनाव की पारदर्शिता से जुड़े अहम सवाल देश के सामने रख रहे हैं, लेकिन सरकार और चुनाव आयोग दोनों ही जवाबदेही से बच रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।दरभंगा में दिए गए पप्पू यादव के इस आक्रामक बयान ने बिहार के सियासी पारे को गरमा दिया है। उनके इन तीखे तेवरों से स्पष्ट है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी में है।



