
मोतिहारी । जमुनी टोला में सड़क पर पानी बहने जैसे मामूली विवाद ने देखते ही देखते जो खूनी रूप लिया, उसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। इस हिंसक झड़प में गंभीर रूप से घायल जमील अख्तर और मरीना खातून की इलाज के दौरान हुई दर्दनाक मौत के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह से हरकत में आ गया है। रविवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने खुद जमुनी टोला पहुंचकर घटनास्थल का सघन मुआयना किया। उन्होंने पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनका दर्द साझा किया और उन्हें हरसंभव कानूनी सहायता व त्वरित न्याय दिलाने का पक्का भरोसा दिया। एसपी स्वर्ण प्रभात ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फरार आरोपियों को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक तीन नामजद आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। वहीं, फरार चल रहे अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। एसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि फरार अभियुक्तों ने जल्द न्यायालय या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं किया, तो कोर्ट से विधिवत आदेश प्राप्त कर उनके घरों की कुर्की-जब्ती (संपत्ति जब्ती) की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उन पर 20 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित करने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
सरेंडर नहीं किया तो चलेगा कुर्की का डंडा
पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर जोर दे रही है। घटना की असल सच्चाई सामने लाने और एक-एक कड़ी को जोड़ने के लिए गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। एसपी ने जांच अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि असली दोषियों को बख्शा न जाए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि रंजिश के तहत किसी निर्दोष व्यक्ति का नाम घसीटा गया है, तो झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों पर भी पुलिस का डंडा चलेगा और सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। इस पूरे विवाद में स्थानीय पुलिस की प्रारंभिक भूमिका और तत्परता को लेकर भी सख्ती दिखाई गई है। एसपी ने जानकारी दी कि मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में पूर्व थाना प्रभारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस महकमे में यह संदेश साफ कर दिया गया है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शांति बहाली के लिए गांव में पुलिस कैंप
सुरक्षा और एहतियात के तौर पर जमुनी टोला गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। एसपी ने पीड़ित परिवारों को सीधे पुलिस अधिकारियों के संपर्क नंबर उपलब्ध कराए हैं ताकि उन्हें सुरक्षित महसूस हो सके। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और गांव में आपसी भाईचारा व सौहार्द बनाए रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत ‘डायल-112’ पर सूचना देने का निर्देश दिया गया है, ताकि पुलिस रेस्पांस टीम त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद मिनटों में मौके पर पहुंच सके।



