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जमुई छेड़खानी कांड: तेज प्रताप यादव ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी, JDU नेता के बयान पर गरमाई सियासत; SIT गठित

पटना। बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ बीच सड़क पर हुई बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना ने पूरे राज्य सहित देश को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर मामले को लेकर सूबे की राजनीति में भूचाल आ गया है। जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में सरकार का कड़ा रुख और मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई, तो उनकी पार्टी भूख हड़ताल पर बैठेगी और बिहार में एक व्यापक आंदोलन का आगाज किया जाएगा। वहीं, इस घटना पर JDU नेता के विवादित बयान—”छिटपुट घटना घटती है”—के बाद विपक्ष ने नीतीश-सम्राट सरकार पर तीखा हमला बोल दिया है।पुलिस सूत्रों और वायरल वीडियो के मुताबिक, यह शर्मनाक घटना गत 19 सितंबर की है। जमुई जिले के रहने वाले एक नाबालिग छात्र और छात्रा अपनी कोचिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्कूटी से मड़वा पहाड़ इलाके में घूमने गए थे। वापसी के दौरान कुछ स्थानीय उपद्रवी और असामाजिक तत्वों ने उन्हें रास्ते में जबरन रोक लिया और उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी। असामाजिक तत्वों ने नाबालिग लड़की के साथ सरेआम छेड़खानी की और इस पूरे घृणित कृत्य का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। अगले दिन यानी 20 सितंबर को जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वैसे ही इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया।

JDU नेता के बयान पर गरमाई सियासत

घटना के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को चौतरफा घेर लिया है। तेज प्रताप यादव ने इस घटना को देश और समाज के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि एक लड़का और लड़की का साथ बाहर जाना इस तरह के असामाजिक तत्वों के लिए गुंडागर्दी का लाइसेंस नहीं बन सकता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को इस पर जनता को जवाब देना होगा। यदि मुख्य दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन की आग पूरे बिहार में फैलेगी। दूसरी ओर, सत्ताधारी JDU के एक नेता द्वारा इस गंभीर अपराध को सामान्य बताकर टालने की कोशिश वाले बयान ने विपक्ष को बड़ा सियासी हथियार दे दिया है।

तेज प्रताप यादव ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। जमुई पुलिस ने मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा, वीडियो में नजर आ रहे अन्य उपद्रवियों की पहचान कर उनकी धर-पकड़ के लिए कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि कानून के हाथ लंबे हैं और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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