
मोतिहारी । डिजिटल युग में तकनीक के दुरुपयोग और अपराध के बदलते स्वरूप का एक बेहद सनसनीखेज मामला मोतिहारी से सामने आया है। यहां एक शातिर अपराधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘यूट्यूब’ (YouTube) को अपना गुरु बना लिया और वीडियो ट्यूटोरियल देखकर अपने ही घर के भीतर मिनी गन फैक्ट्री (अवैध हथियार कारखाना) खोल दी। मोतिहारी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रघुनाथपुर थाना क्षेत्र की गंडक कॉलोनी स्थित एक आवास पर सघन छापेमारी की और इस अवैध मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया। मौके से भारी मात्रा में निर्मित व अर्द्धनिर्मित हथियार, कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मौके से मुख्य सरगना और उसके बेटे को गिरफ्तार कर एक बड़े आपराधिक नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। इस पूरे आपराधिक गठजोड़ का खुलासा एक वायरल वीडियो के जरिए हुआ। दरअसल, बीते 25 अक्टूबर को तुरकौलिया थानाध्यक्ष रंजीत कुमार की नजर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो पर पड़ी। इस वीडियो में एक व्यक्ति विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर औजारों के साथ-साथ अवैध हथियारों (देसी कट्टों) की पूजा करता हुआ नजर आ रहा था। पुलिस के आला अधिकारियों ने जब इस वीडियो की वैज्ञानिक तरीके से जांच और सत्यापन कराया, तो वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर घरबारी टोला निवासी हरेन्द्र शर्मा के रूप में हुई। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी हरेन्द्र शर्मा वर्तमान में रघुनाथपुर थाना क्षेत्र की गंडक कॉलोनी में अपना एक नया मकान बनाकर रह रहा है।
विश्वकर्मा पूजा के वायरल वीडियो ने खोला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर तुरंत एक विशेष रणनीति बनाई गई। सदर एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसमें कई थानों की पुलिस शामिल थी। पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रघुनाथपुर स्थित गंडक कॉलोनी के उस मकान की घेराबंदी कर अचानक छापेमारी की। घर की तलाशी के दौरान पुलिस के भी होश उड़ गए, क्योंकि वहां बकायदा एक मिनी गन फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। पुलिस ने मौके से 41 वर्षीय हरेन्द्र शर्मा और उसके 21 वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने हथियारों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। पुलिस टीम को मौके से दो लोहे के देसी कट्टे, तीन अर्द्धनिर्मित कट्टे और कारबाइन जैसा दिखने वाला एक खतरनाक अर्द्धनिर्मित हथियार मिला है। इसके अलावा 8 एमएम के पांच जिंदा कारतूस (जिन पर केएफ अंकित है) भी बरामद किए गए हैं। हथियार बनाने में प्रयुक्त होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिनमें एक बड़ा चाकू, लकड़ी के बेंट वाली दो भारी हथौड़ियां, एक बड़ा प्लास, लोहे काटने वाली एक कटर मशीन और चार मोबाइल फोन शामिल हैं।
बढ़ईगिरी की आड़ में चल रहा था मौत का सामान बनाने का कारोबार
सदर एसडीपीओ दिलीप कुमार ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी हरेन्द्र शर्मा मूल रूप से लोहा और लकड़ी (बढ़ई) का काम करता है। इसी पेशे की आड़ में वह अवैध हथियार निर्माण के काले कारोबार में उतर गया था। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे यूट्यूब पर वीडियो देखकर आधुनिक और देसी हथियार बनाने की तकनीकी बारीकियां सीख रहे थे। एसडीपीओ ने कहा कि यह एक गंभीर विषय है कि इंटरनेट की सुलभता का इस्तेमाल अपराध के लिए किया जा रहा है।फिलहाल पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इन हथियारों का निर्माण किस आपराधिक गिरोह के लिए किया जा रहा था। हथियार बनाने के लिए कच्चा माल कहां से आ रहा था, हथियारों की सप्लाई चेन क्या थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं, इसकी विस्तृत पड़ताल की जा रही है। मोतिहारी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से जिले में किसी संभावित बड़ी आपराधिक घटना को समय रहते टाल दिया गया है। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है।



