
पटना। बिहार की राजनीति से लेकर केंद्र तक अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री, पद्म भूषण से सम्मानित और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती अब बिहार में हर साल पूरे राजकीय सम्मान के साथ मनाई जाएगी। राज्य कैबिनेट की हालिया बैठक में यह अहम फैसला लिया गया है कि आगामी 5 जुलाई से प्रत्येक वर्ष उनकी जयंती पर राजकीय समारोह का आयोजन होगा। राज्य सरकार के इस ऐतिहासिक और सम्मानजनक फैसले का लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने पुरजोर स्वागत किया है। पार्टी ने इस कदम को शोषितों और वंचितों के मसीहा के प्रति एक सच्ची श्रद्धांजलि करार दिया है।
शोषितों, वंचितों और दलितों के मसीहा को सच्ची श्रद्धांजलि
लोजपा (रामविलास) की ओर से जारी बयान में सरकार के फैसले की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई है। पार्टी नेताओं ने कहा कि स्वर्गीय रामविलास पासवान ने अपना संपूर्ण जीवन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया था। वे सिर्फ एक राजनेता नहीं थे, बल्कि सामाजिक न्याय के एक बड़े पुरोधा थे। बिहार की पावन धरती से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू कर राष्ट्रीय राजनीति के फलक पर छा जाने वाले रामविलास पासवान ने हमेशा समानता की आवाज को बुलंद किया। समाज के वंचितों, शोषितों, पीड़ितों और गरीबों के हकों के लिए उनका संघर्ष आज भी लोगों के जेहन में जिंदा है। ऐसे में बिहार सरकार द्वारा 5 जुलाई को राजकीय समारोह घोषित करना उनके विराट व्यक्तित्व, महान विचारों और अनवरत जनसेवा के प्रति एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि है।
भावी पीढ़ियों के लिए बनेंगे प्रेरणास्त्रोत
पार्टी का मानना है कि स्वर्गीय पासवान ने अपने पांच दशक से अधिक के राजनीतिक करियर में राष्ट्र निर्माण में जो महती भूमिका निभाई है, यह फैसला उस ऐतिहासिक योगदान का सम्मान है। विभिन्न प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने जनहित में कई योजनाएं लागू कीं, जिनका सीधा लाभ देश के आम आदमी को मिला। मरणोपरांत भारत सरकार द्वारा उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाजा जाना इस बात का प्रमाण है कि उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता दलगत राजनीति से बहुत ऊपर थी। वे हमेशा सर्वजन हिताय के मार्ग पर चले। लोजपा (रामविलास) ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया है कि सरकारी स्तर पर जयंती समारोह आयोजित होने के दूरगामी और सकारात्मक प्रभाव होंगे। पार्टी के अनुसार, हर साल राजकीय स्तर पर उनकी जयंती का भव्य आयोजन होने से राज्य और देश की आने वाली युवा पीढ़ियों को उनके लंबे राजनीतिक संघर्ष, अथाह जनसेवा, राष्ट्र के प्रति समर्पण और सामाजिक समरसता के ऊंचे आदर्शों से जुड़ने का सीधा मौका मिलेगा। इससे उनके जनकल्याण, समतामूलक समाज और सभी के लिए समान अवसर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में बड़ी मदद मिलेगी। आज की युवा पीढ़ी यह समझ सकेगी कि कैसे अपनी मेहनत और प्रतिबद्धता के बल पर एक व्यक्ति शोषितों की सबसे बड़ी आवाज बन सकता है।
जन-जन तक विचार पहुंचाने का संकल्प और सरकार को आभार
इस अहम फैसले के बाद लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बिहार सरकार की इस ऐतिहासिक और सराहनीय पहल के लिए हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया है। इसके साथ ही, लोजपा (आर) ने अपने संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान के अधूरे सपनों, उनके राजनीतिक सिद्धांतों और सामाजिक न्याय के अटूट संकल्प को गांव-गांव और बिहार के हर एक नागरिक तक ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर मजबूती के साथ दोहराया है। पार्टी ने संकल्प लिया है कि वे उनके बताए गए समावेशी विकास के मार्ग पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।



