
मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत खुर्दा गांव में आयोजित ऐतिहासिक खुर्दा महोत्सव शुक्रवार की रात पूरी तरह से भोजपुरी और मगही संगीत के रंग में रंगा नजर आया। युवा शक्ति दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में जब भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारीलाल यादव, मशहूर गायक रितेश पांडे और सुरमयी गायिका शिवानी सिंह ने सुरों की महफिल सजाई, तो पूरा कोसी क्षेत्र संगीतमय हो उठा। आयोजकों के अनुसार, इस महाआयोजन में दो लाख से अधिक दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी, जो देर रात से लेकर अहले सुबह तक भोजपुरी गीतों की धुनों पर थिरकती रही। दर्शकों के भारी उत्साह और कलाकारों की बेहतरीन प्रस्तुति ने इस महोत्सव को एक यादगार शाम में तब्दील कर दिया। खुर्दा महोत्सव पिछले 18 वर्षों से मधेपुरा और इसके आसपास के क्षेत्रों में अपनी एक विशिष्ट और अलग पहचान बनाए हुए है। दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले इस महोत्सव को बिहार के लोकप्रिय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन का सीधा संरक्षण प्राप्त है। यह महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचल में सांस्कृतिक चेतना का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। हर वर्ष यहां आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में न केवल मधेपुरा बल्कि सहरसा, सुपौल, पूर्णिया और सीमांचल के अन्य दूर-दराज के इलाकों से भी भारी संख्या में कला प्रेमी पहुंचते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इतने बड़े स्तर पर आयोजन होना अपने आप में एक मिसाल है। शुक्रवार की सर्द होती रात में कार्यक्रम की शुरुआत करीब दस बजे हुई। मंच की कमान सबसे पहले उभरती हुई भोजपुरी गायिका शिवानी सिंह ने संभाली। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज और मंच पर अपनी शानदार उपस्थिति से शुरुआत में ही दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके गाए लोकप्रिय गीतों पर दर्शक झूमते नजर आए। शिवानी के बाद भोजपुरी के दिग्गज गायक रितेश पांडे ने माइक थामा। रितेश ने अपने चिर-परिचित अंदाज और दर्द भरे व जोशीले गीतों के अनूठे संगम से पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर सांसद की पैनी नजर
दोनों कलाकारों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों पर पंडाल में मौजूद लाखों दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और अपने पसंदीदा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। रात जैसे-जैसे परवान चढ़ रही थी, दर्शकों की बेताबी अपने चरम पर पहुंच रही थी। हर किसी को उस पल का इंतजार था, जब उनके चहेते सुपरस्टार मंच पर आएंगे। जैसे ही कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण भोजपुरी सुपरस्टार अभिनेता और गायक खेसारीलाल यादव का नाम पुकारा गया, पूरा खुर्दा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट और सीटियों की आवाज से गूंज उठा। लाखों दर्शकों ने एक साथ अपने मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट जलाकर खेसारी का ऐसा भव्य स्वागत किया, मानो आसमान के सारे तारे जमीन पर उतर आए हों। खेसारीलाल ने भी अपने फैंस को निराश नहीं किया। उन्होंने अपने सुपरहिट भोजपुरी फिल्मी गीतों और ऊर्जावान नृत्य से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनका जलवा ऐसा था कि कड़ाके की ठंड के बावजूद युवा दर्शक देर रात तक अपनी जगह से हिले नहीं और गानों पर झूमते रहे। भोजपुरी के इस महाकुंभ में मगही संगीत जगत के चर्चित गायक रौशन राही ने भी अपनी दमदार प्रस्तुति से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। उनकी ठेठ मगही गायकी ने कार्यक्रम में एक अलग ही रंग भर दिया। इसके साथ ही, मायानगरी मुंबई से विशेष तौर पर बुलाए गए कलाकारों ने रिकॉर्डिंग डांस की बेहद आकर्षक और मनमोहक प्रस्तुति देकर इस रंगारंग कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। दो लाख से अधिक लोगों की भीड़ को नियंत्रित करना किसी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन कार्यक्रम के संरक्षक व मधेपुरा के सांसद पप्पू यादव खुद इस पूरी व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे। वे पूरी रात मंच के ठीक समीप बैठकर न केवल भीड़ की स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए थे, बल्कि तालियां बजाकर सभी कलाकारों का लगातार उत्साह भी बढ़ा रहे थे। उनकी सक्रिय उपस्थिति के कारण इतनी भारी भीड़ के बावजूद कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। खुर्दा महोत्सव का यह भव्य आयोजन एक बार फिर यह साबित कर गया कि कला और संस्कृति को लेकर ग्रामीण अंचलों में आज भी अभूतपूर्व दीवानगी कायम है।



