
पटना। बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर की नवगठित पार्टी ‘जन सुराज’ इन दिनों खासी चर्चा में है। इसी बीच, जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व राजनयिक मनोज भारती के साथ हाथापाई और बदसलूकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने बिहार के सियासी गलियारों में अचानक हलचल मचा दी है। यह पूरी घटना पटना स्थित जन सुराज पार्टी कार्यालय के बाहर की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक शख्स कार की पिछली सीट पर बैठे मनोज भारती का कॉलर पकड़कर उन्हें बाहर खींचने और उनके साथ मारपीट करने की कोशिश कर रहा है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद से ही राजनीतिक बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है। वायरल हो रहे इस वीडियो के दृश्य काफी हैरान करने वाले हैं। जानकारी के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती अपनी कार की पिछली सीट पर बैठे हुए थे। जैसे ही उनकी गाड़ी जन सुराज के पटना स्थित कार्यालय से बाहर की तरफ निकलती है, तभी सफेद कुर्ता और टोपी पहने एक शख्स अचानक उनकी कार की ओर तेजी से बढ़ता है। वह शख्स बेखौफ होकर कार का दरवाजा खोलता है और अंदर बैठे मनोज भारती का कॉलर पकड़ लेता है। वह उन्हें झकझोरते हुए बाहर खींचने का प्रयास करता है और इस दौरान हाथापाई की भी कोशिश करता है। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है। गनीमत रही कि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने तुरंत बीच-बचाव किया और उस व्यक्ति को रोककर स्थिति को नियंत्रित किया। वीडियो में वह शख्स कार की अगली सीट की तरफ भी जाकर हंगामा करता दिख रहा है।
भुगतान विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है मामला
सूत्रों और शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनोज भारती के साथ बदसलूकी करने वाला यह शख्स एक कार वेंडर है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जन सुराज पार्टी द्वारा अपने विभिन्न कार्यक्रमों, जनसंपर्क और अभियानों के लिए किराये पर गाड़ियां ली गई थीं। कथित तौर पर इन्हीं गाड़ियों के बकाया भुगतान को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। कहा जा रहा है कि समय पर पैसे नहीं मिलने से नाराज होकर उस वेंडर ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ इस तरह का उग्र व्यवहार किया। हालांकि, पार्टी या पुलिस की ओर से बकाया भुगतान को लेकर हुए इस विवाद की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे घटना के पीछे की वास्तविक वजहों पर संशय बरकरार है।
मनोज भारती ने दी सफाई, कहा- यह एक पुरानी घटना है
इस पूरे विवाद और वायरल वीडियो पर जब जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने अपना पक्ष रखा, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह घटना कोई हाल-फिलहाल की नहीं, बल्कि काफी पुरानी है। उन्होंने कहा कि उस समय भी इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया गया था और पटना पुलिस में इसकी विधिवत शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। भारती का मानना है कि अब राजनीतिक द्वेष के चलते जानबूझकर इस पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए जन सुराज पार्टी जल्द ही पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित कर सकती है, जिसमें मनोज भारती इस पूरे प्रकरण पर विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। यह मामला ऐसे समय में तूल पकड़ रहा है, जब बिहार में विधान परिषद (एमएलसी) की 8 सीटों (चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र) पर चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। 23 अक्टूबर को होने वाले इस चुनाव में जन सुराज पार्टी ने भी सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष के साथ हाथापाई का वीडियो सामने आना महज इत्तेफाक नहीं माना जा रहा है। वीडियो सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रशांत किशोर और जन सुराज के दावों पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। प्रशांत किशोर लगातार बिहार में ‘नई राजनीति’ और ‘स्वच्छ व्यवस्था’ का दावा करते रहे हैं। ऐसे में विपक्ष इसे पार्टी के आंतरिक प्रबंधन की विफलता और वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता से जोड़कर देख रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है।



