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बाढ़ आएगी तो दिक्कत होगी ही…” लेकिन संकट में सरकार ने थामा हाथ, राहत से कटाव तक पहुंची मदद


“राशन, पन्नी और सभी जरुरत के सामान को विभाग के तरफ से मुहैया कराया गया। पशुओं के लिए चारा का व्यवस्था हमलोगो को बहुत मदद किया। बाढ़ में नाव से आने-जाने की सुविधा ने जिंदगी काफी आसान कर दी।” वैशाली जिले के राघोपुर की रहने वाली सविता देवी बताती हैं।

बिहार में बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के समय सरकार राहत और बचाव कार्यों के जरिए प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता पहुंचा रही है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें, जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग मिलकर जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्यों में जुटे हैं। प्रभावित लोगों के लिए सुरक्षित स्थानों पर तंबू और आश्रय की व्यवस्था की जा रही है। सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन और साफ पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

बाढ़ से फसल, मकान या जान-माल को हुए नुकसान के लिए सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से मुआवजे की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं। लोगों को जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं और स्वच्छता बनाए रखने के लिए ब्लीचिंग पाउडर का भी वितरण किया जा रहा है। सरकार और प्रशासन की टीमें बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत, स्वास्थ्य सेवाएं और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।

वहीं, कई इलाकों में बाढ़ का पानी कम हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में तटबंधों और नदी के किनारों पर होने वाले भीषण कटाव को रोकने के लिए बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग ने सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों पर हाई अलर्ट जारी किया है। नदियों का पानी तेजी से पीछे हटने के दौरान कटाव का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए इंजीनियरों और मैदानी टीमों को लगातार गश्त और निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में बालू की बोरियां डालकर ढलान बनाने और अन्य फ्लड-फाइटिंग सामग्रियों के जरिए सुरक्षात्मक कार्य किए जा रहे हैं। पटना स्थित सिंचाई भवन में सेंट्रल फ्लड कंट्रोल रूम सक्रिय है। किसी भी आपात स्थिति या कटाव की सूचना देने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-3456-145 जारी किया गया है।

बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रति परिवार ₹7,000 की शुरुआती सहायता राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से दी जा चुकी है। वहीं, फसल और अन्य नुकसान का आकलन करने के बाद अंतिम मुआवजा रिपोर्ट तैयार की जा रही है। हाल ही में बिहार में भीषण बाढ़ और किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान 16 सितंबर को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर पहुंचे।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, राज्य सरकार के मंत्रियों और केंद्र एवं राज्य सरकार के उच्च स्तरीय दल के साथ उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार संकट की इस घड़ी में बिहार की जनता के साथ मजबूती से खड़ी है। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार हर संभव वित्तीय और बुनियादी ढांचागत सहायता उपलब्ध कराएगी।”

पहुंची सरकार की सुविधा

“देखिए, बाढ़ आएगा तो दिक्कत तो होगा ही, लेकिन सरकार ने काफी मदद किया है। डॉक्टर का भी सुविधा था। अपने तरफ से अच्छा प्रयास किया सरकार।”
रामनाथ महतो
तेरसिया,वैशाली जिला

“चूड़ा, पन्नी, खाना और तिरपाल सब सुविधा सरकार दे रही है। महिलाओं की जरुरत का सामान भी सरकार दे रही है।”
श्रीमती तुनिया देवी
तेरसिया,वैशाली जिला

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