
पटना। त्योहारी सीजन और यात्रियों की लगातार बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने बिहार के यात्रियों को एक और बड़ी सौगात दी है। पश्चिम बंगाल के सांतरागाछी से राजस्थान के जयपुर (खातीपुरा) के बीच एक नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत की गई है। इस नई ट्रेन के परिचालन से न केवल बिहार, बल्कि पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच रेल संपर्क और भी अधिक सुदृढ़ हो गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस लंबी दूरी की ट्रेन का ठहराव पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल के पांच प्रमुख स्टेशनों पर सुनिश्चित किया गया है। डीडीयू रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले जिन पांच स्टेशनों पर यह साप्ताहिक एक्सप्रेस रुकेगी, उनमें जपला, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड और स्वयं पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन शामिल हैं। जागरण को मिली जानकारी के अनुसार, इन स्टेशनों पर ट्रेन के रुकने से रोहतास और कैमूर जिले के साथ-साथ झारखंड की सीमा से लगे पलामू प्रमंडल के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इस क्षेत्र के लोगों को राजस्थान या बंगाल जाने के लिए डीडीयू जंक्शन या पटना जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती थी, लेकिन अब उनके गृह जिले के स्टेशन से ही यह सुविधा उपलब्ध होगी।
इन स्टेशनों पर होगा ठहराव, लाखों यात्रियों को फायदा
इस नई और बहुप्रतीक्षित रेल सेवा का औपचारिक शुभारंभ बीते सोमवार, 26 अक्टूबर को किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर रेलवे द्वारा तीन उद्घाटन विशेष ट्रेनें पटरियों पर दौड़ाई गईं। रेलवे कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक, इनमें गाड़ी संख्या 08061 (सांतरागाछी-खातीपुरा विशेष), गाड़ी संख्या 08181 (टाटानगर-खातीपुरा विशेष) और गाड़ी संख्या 09701 (खातीपुरा-सांतरागाछी विशेष) शामिल रहीं। इन विशेष ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के साथ ही इस नए रूट पर विधिवत परिचालन का श्रीगणेश हो गया है। इन ट्रेनों में सफर करने वाले पहले दिन के यात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिला। यह नई ट्रेन पूर्व से पश्चिम भारत को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। अपने लंबे सफर के दौरान यह ट्रेन सांतरागाछी से खुलकर खड़गपुर, टाटानगर, चांडिल, पुरुलिया, रांची, डालटनगंज, गढ़वा रोड होते हुए बिहार के जपला, डेहरी, सासाराम और डीडीयू पहुंचेगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, मिर्जापुर, फतेहपुर, कानपुर, टुंडला और आगरा कैंट होते हुए यह राजस्थान के जयपुर स्थित खातीपुरा स्टेशन तक का सफर तय करेगी।
शिक्षा और व्यापार को मिलेगी नई उड़ान
यह सर्वविदित है कि राजस्थान का जयपुर और कोटा क्षेत्र शिक्षा का बड़ा हब है, जहां बिहार के हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जाते हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल और कानपुर व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद अहम हैं। इस ट्रेन के शुरू होने से छात्रों, व्यापारियों और पर्यटन के उद्देश्य से सफर करने वाले लोगों के समय और धन दोनों की बचत होगी। पारिवारिक यात्राओं के लिए भी यह एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प बनकर उभरी है। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सरस्वती चंद्र ने इस नई सेवा के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह साप्ताहिक रेल सेवा नियमित रूप से गाड़ी संख्या 18061 और 18062 (सांतरागाछी-खातीपुरा-सांतरागाछी एक्सप्रेस) के रूप में संचालित की जाएगी। हालांकि, इस ट्रेन का नियमित परिचालन किस तारीख से शुरू होगा, यह सप्ताह के किस दिन चलेगी और विभिन्न स्टेशनों पर इसके पहुंचने और खुलने का सटीक समय क्या होगा, इसकी विस्तृत समय-सारिणी रेलवे बोर्ड द्वारा जल्द ही आधिकारिक तौर पर जारी की जाएगी। फिलहाल, इस घोषणा मात्र से ही डीडीयू मंडल के यात्रियों और स्थानीय व्यवसायियों में हर्ष का माहौल है।



