
वैशाली। जिले के लालगंज क्षेत्र में गुरुवार का दिन एक बड़े हादसे का गवाह बना। भारतमाला परियोजना के तहत नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा बनाए जा रहे एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन मार्ग पर निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम लॉन्चर अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। इस खौफनाक हादसे में वहां काम कर रहे आठ कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद निर्माण स्थल पर चीख-पुकार मच गई और भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। हादसे ने एक बार फिर बड़ी निर्माण परियोजनाओं में बरती जा रही सुरक्षा मानकों की अनदेखी और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन पर पुल निर्माण का कार्य अपनी तेज रफ्तार से चल रहा था। कई इंजीनियर और मजदूर अपनी-अपनी शिफ्ट में काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान, पुल के निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा विशाल लॉन्चर अचानक असंतुलित हो गया और तेज आवाज के साथ सीधे नीचे आ गिरा। लॉन्चर के गिरते ही वहां धूल का भारी गुबार उठ गया और आसपास काम कर रहे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय लोग भी सहम गए और तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
काम के दौरान अचानक हुआ हादसा
हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे और भारी मशीनों के बीच फंसे घायल लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। आनन-फानन में सभी जख्मी कर्मचारियों को इलाज के लिए लालगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छह घायल कर्मचारियों का इलाज स्थानीय रेफरल अस्पताल में ही किया गया, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, दो अन्य कर्मचारियों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा के लिए बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया है। हादसे की खबर इलाके में तेजी से फैल गई। सूचना मिलते ही लालगंज पुलिस और एनएचएआई के संबंधित अधिकारी दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और घटनास्थल का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके का बारीकी से मुआयना करते हुए वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली।
सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर व्यवस्था की पोल खोल दी है। आखिर इतना भारी लॉन्चर अचानक कैसे गिर गया? क्या यह किसी मशीन की तकनीकी खराबी का नतीजा था, या फिर निर्माण कार्य के दौरान हुई किसी बड़ी मानवीय चूक का? यह भी जांच का विषय है कि कार्यस्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए तय किए गए आवश्यक मानकों (सेफ्टी गियर्स, हेलमेट, हार्नेस) का शत-प्रतिशत पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग ने मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असल वजह सामने आ सकेगी और लापरवाही पाए जाने पर निर्माण एजेंसी व जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई तय है।



