
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के ऐतिहासिक देवीपद चौधरी शहीद स्मारक मिलर हाई स्कूल का दौरा कर बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने इस विद्यालय को गोद लेने की घोषणा करते हुए इसे राज्य के एक आधुनिक मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने का फैसला किया है। इसके तहत स्कूल में अत्याधुनिक सुविधाएं, एआई लैब, स्मार्ट क्लासरूम और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अचानक स्कूल पहुंचने से छात्र-छात्राओं और शिक्षकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। उनके साथ विधान परिषद सदस्य नवल किशोर यादव भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्कूल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को विद्यालय के व्यापक विकास के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका किरण कुमारी ने इसे विद्यालय के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि अब मिलर हाई स्कूल का पूरी तरह कायाकल्प होगा। उन्होंने बताया कि स्कूल की इमारत, कक्षाएं और अन्य सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। साथ ही खेल सुविधाओं को भी बेहतर किया जाएगा, ताकि यह विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी राज्य का अग्रणी संस्थान बन सके।
मुख्यमंत्री ने स्कूल परिसर का निरीक्षण करने के दौरान छात्रों से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पूछा कि विद्यालय में और कौन-कौन सी सुविधाओं की जरूरत है। इस पर छात्रों ने स्मार्ट बोर्ड, थ्री-डी लर्निंग मॉडल, आधुनिक प्रयोगशालाएं, अधिक शिक्षकों की नियुक्ति और बेहतर खेल मैदान की मांग रखी।
छात्रों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात को अपने लिए यादगार पल बताया। उनका कहना था कि उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि मुख्यमंत्री स्वयं उनके स्कूल आए हैं और उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। बच्चों ने उम्मीद जताई कि मॉडल स्कूल बनने के बाद उन्हें आधुनिक शिक्षा और बेहतर संसाधनों का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई लैब स्थापित की जाए, स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएं और पूरे परिसर का आधुनिकीकरण किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को नई तकनीक के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
वहीं एमएलसी नवल किशोर यादव ने कहा कि मिलर हाई स्कूल पटना का एक ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान है और मुख्यमंत्री के इस फैसले से इसकी पुरानी पहचान फिर से मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि स्कूल के हर सिस्टम को बेहतर बनाने की योजना तैयार की जा रही है और आने वाले समय में यह बिहार के सबसे आधुनिक मॉडल स्कूलों में शामिल होगा।
मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद स्कूल के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में नई उम्मीद जगी है। माना जा रहा है कि इस पहल से न सिर्फ मिलर हाई स्कूल की तस्वीर बदलेगी, बल्कि राज्य के सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को भी नई दिशा मिलेगी।



