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बिहार में फिर बिगड़ेगा मौसम का मिजाज: सभी 38 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का यलो अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं

बिहार में एक बार फिर से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलने वाला है। चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद तो है, लेकिन इसके साथ ही मौसम विभाग ने एक गंभीर चेतावनी भी जारी की है। पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार को राज्य के सभी 38 जिलों के लिए बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात का यलो अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के इस ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, सूबे के अधिकांश हिस्सों में हल्की से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश होने की प्रबल संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में झमाझम भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है, जिससे जनजीवन खासा प्रभावित हो सकता है।

26 सितंबर तक बना रहेगा मौसम का यह बदला हुआ तेवर

मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के कई जिलों में बारिश के प्रबल आसार बने हुए हैं। इसके साथ ही दक्षिण-पूर्व बिहार के भागलपुर, मुंगेर और जमुई संभाग में भी एक-दो स्थानों पर वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम का यह बदला हुआ तेवर और उतार-चढ़ाव आगामी 26 सितंबर तक राज्य भर में कायम रह सकता है। इस दौरान कुछ जिलों में भारी बारिश भी अपनी दस्तक दे सकती है। आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे और तेज आंधी-तूफान के साथ अचानक मौसम बिगड़ सकता है।

जिन जिलों में मौसम विभाग ने बारिश और वज्रपात का यलो अलर्ट जारी किया है, उनमें सूबे के लगभग सभी प्रमुख जिले शामिल हैं। इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, छपरा, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार शामिल हैं। इसके अलावा राजधानी पटना, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, गया, औरंगाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर और समस्तीपुर में भी मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की स्पष्ट सलाह दी है। मौसम विज्ञान केंद्र और आपदा प्रबंधन विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। बारिश के दौरान कई इलाकों में आकाशीय बिजली (ठनका) गिरने का गंभीर खतरा बना रहेगा। ऐसे में आम जनमानस को सलाह दी गई है कि जब आसमान में काले बादल घिर आएं और मेघ गर्जन हो, तो वे सुरक्षित और पक्के मकानों के अंदर ही रहें। भूलकर भी खुले मैदान में न जाएं। बारिश और तेज हवा के दौरान पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर या ऊंचे टावरों के आसपास खड़े होने से पूरी तरह बचें, क्योंकि इन स्थानों पर वज्रपात की आशंका सबसे अधिक होती है। किसानों से भी अपील की गई है कि वे खराब मौसम में खेतों में काम करने से बचें। अगर पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें, तो राज्य के कुछ हिस्सों को छोड़कर अधिकांश जगहों पर मौसम शुष्क ही रहा। केवल जमुई जिले में बारिश दर्ज की गई। वहीं, दूसरी ओर राजधानी पटना और गया जैसे प्रमुख शहरों में दिन के वक्त तेज धूप निकलने के कारण भारी उमस ने लोगों को काफी परेशान किया। पसीने वाली इस चिपचिपी गर्मी से लोग बेहाल रहे। हालांकि, अब इस यलो अलर्ट और आगामी बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को इस उमस भरी गर्मी से फौरी तौर पर एक बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। तेज हवाओं के कारण मौसम सुहावना होने के भी आसार हैं। कुल मिलाकर, आगामी तीन से चार दिन बिहारवासियों के लिए मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरे रहने वाले हैं, इसलिए सतर्कता ही बचाव का सबसे बेहतरीन और सुरक्षित उपाय है।

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