
पटना। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अब तक का सबसे तीखा प्रहार किया है। पटना में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खड़गे ने नीतीश कुमार की राजनीतिक निष्ठा पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि वह पूरी तरह से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की झोली में जाकर गिर गए हैं। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें एक निडर योद्धा करार दिया। इसके साथ ही, बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री ‘बिहार केसरी’ डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने की उठ रही मांग पर भी कांग्रेस अध्यक्ष ने सकारात्मक रुख स्पष्ट किया है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक पलटवार को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अब आरएसएस के इशारों पर काम कर रहे हैं। वहीं, राहुल गांधी का जिक्र आते ही खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी किसी से डरने वाले नेता नहीं हैं। वे जनता के अधिकारों के लिए लगातार सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष कर रहे हैं। मुश्किलों के बावजूद राहुल गांधी पीछे हटने वाले नहीं हैं; वे लड़ते हैं, गिरते हैं और फिर उठकर खड़े हो जाते हैं।
नीतीश पर निशाना, राहुल का किया जोरदार बचाव
अपने दौरे पर मल्लिकार्जुन खड़गे के समक्ष बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह (श्रीकृष्ण बाबू) को भारत रत्न देने से जुड़ा एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा गया। इस अहम मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए खड़गे ने कहा कि यह प्रस्ताव उनके सामने रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी के भीतर इस गंभीर विषय पर विचार-विमर्श किया जाएगा और उसके बाद ही आगे का कदम तय किया जाएगा। खड़गे ने याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी पहले भी ऐसे ऐतिहासिक और जनभावनाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही है और रैलियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करती रही है। चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे पर खड़गे ने बेबाकी से अपनी बात रखी। ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोपों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ा मामला है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वर्तमान मतदान व्यवस्था पर सीधा सवाल उठाते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में मनमाने तरीके से बदलाव किए जाने के मामले भी सामने आ रहे हैं। विपक्ष इस मुद्दे को लगातार उठा रहा है, क्योंकि वोट देने का अधिकार सीधे तौर पर नागरिकों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
एक नवंबर की रैली और व्यापारियों की चिंता पर आश्वासन
आगामी 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली को लेकर स्थानीय व्यापारियों द्वारा जताई गई आपत्तियों का भी खड़गे ने संज्ञान लिया। व्यापारिक संगठनों की ओर से आए आवेदन पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस पर आज या कल में विचार कर कोई उचित समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि कांग्रेस जो भी राजनीतिक कदम उठा रही है, वह केवल आम जनता और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए है। खड़गे के इन बयानों ने बिहार की राजनीति में नई गर्माहट ला दी है। श्रीकृष्ण बाबू के सम्मान की बात उठाकर कांग्रेस ने राज्य के एक बड़े तबके को साधने का प्रयास किया है, वहीं नीतीश कुमार पर सीधे हमले से यह साफ कर दिया है कि पार्टी अब आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी।



