
दरभंगा। जिले के बहादुरपुर प्रखंड में तैनात प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) आनंद कुमार विभूति के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में बीडीओ के मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्वी चंपारण स्थित पांच ठिकानों पर बुधवार को एक साथ छापेमारी की गई। देर रात तक चली इस जांच में अधिकारी की वैध आय से 121.87 प्रतिशत अधिक अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ है।ईओयू के अनुसार, महज 12 वर्षों की सेवा अवधि के दौरान बीडीओ आनंद कुमार ने 1.72 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध परिसंपत्तियां अर्जित की हैं। काली कमाई को सफेद करने के लिए उन्होंने अधिकांश अचल संपत्तियां अपनी पत्नी रितु आनंद के नाम पर खरीदीं। जमीनों की खरीद-फरोख्त में सरकारी दर से कम मूल्य दर्शाकर पूरा भुगतान नकद (कैश) में किया गया था।
12 साल की नौकरी में खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य
ईओयू की टीम जब बीडीओ के ठिकानों पर पहुंची तो वाहनों का बड़ा काफिला देखकर हैरान रह गई। पांच सदस्यों वाले इस परिवार के पास पांच चार पहिया वाहन बरामद हुए हैं। इनमें 20 लाख रुपये मूल्य की इनोवा, इनोवा क्रिस्टा, स्कॉर्पियो और दो अन्य गाड़ियां शामिल हैं।छापेमारी के दौरान ईओयू को कुल 16 बैंक खातों की जानकारी मिली, जिन्हें तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है।
पूर्वी चंपारण में 70 लाख का पुश्तैनी मकान
इसके अलावा एक बैंक लॉकर, म्यूचुअल फंड में 70 लाख रुपये के निवेश, 1.50 लाख रुपये वार्षिक प्रीमियम की बीमा पॉलिसियां तथा सोने-चांदी के आभूषणों के इनवॉइस जब्त किए गए हैं।बीडीओ और उनके परिजनों के नाम पर 9 अलग-अलग प्लॉट के दस्तावेज मिले हैं। पूर्वी चंपारण स्थित उनके पुश्तैनी मकान का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 70 लाख रुपये आंका गया है। ईओयू की कार्रवाई के दौरान बीडीओ अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। विभाग आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गया है।



