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चीनी मिल की जमीन बेचने में भाजपा नेताओं की मिलीभगत, सीएम पहले कराएं जांच: प्रशांत किशोर

मोतिहारी:आगामी विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने मोतिहारी पहुंचे जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने चीनी मिल के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा मोतिहारी में चीनी मिल की स्थापना को लेकर की गई पहल पर कटाक्ष करते हुए पीके ने भाजपा नेताओं पर जमीन खरीद-बिक्री में संलिप्तता का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घोषणाओं से पहले जमीन के खेल की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, तभी जनता सरकार पर भरोसा करेगी।

‘जब जमीन ही बिक गई, तो मिल कहां लगेगी’

शहर के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा चीनी मिल लगाने की बात करना स्वागतयोग्य है, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई भी सामने आनी चाहिए। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस जमीन पर चीनी मिल स्थापित करने की बात कही जा रही है, उसकी खरीद-बिक्री में भाजपा से जुड़े विधायक, सांसद, मंत्री और अधिकारी ही शामिल रहे हैं।पीके ने सवाल दागा कि जब चीनी मिल की जमीन का बड़ा हिस्सा पहले ही खुर्द-बुर्द किया जा चुका है, तो नई मिल के लिए जमीन कहां से आएगी? उन्होंने सरकार से जमीन की खरीद-बिक्री प्रक्रिया और इसमें शामिल चेहरों की जांच की मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पहले कार्रवाई करें, तब जाकर उनकी बातों पर यकीन किया जा सकेगा।

जन सुराज के दबाव में जागी सरकार

सत्ताधारी दल पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने दावा किया कि सरकार अब विकास, रोजगार और बंद चीनी मिलों जैसे मुद्दों पर इसलिए बात कर रही है क्योंकि जन सुराज ने इन विषयों को गांव-गांव तक पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि यह जन सुराज के लगातार बन रहे जन-दबाव का ही असर है कि सरकार अब इन बुनियादी मुद्दों पर चर्चा करने को विवश हुई है। इससे पूर्व, प्रशांत किशोर ने अपने एकदिवसीय दौरे पर जन सुराज के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अहम बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी एमएलसी चुनाव की रणनीति तय करना था। इस दौरान संभावित उम्मीदवारों के नामों पर गहन विचार-विमर्श किया गया और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का निर्देश दिया गया।पीके के इस बयान के बाद चंपारण की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। चीनी मिल की जमीन को लेकर उठे इस नए विवाद के बाद अब निगाहें सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

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