
बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने 3 अगस्त को लेकर राज्य के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी द्रोणी के प्रभाव से अगले 24 घंटे तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है।
मौसम विभाग ने गोपालगंज और सीवान में अति भारी बारिश की आशंका जताई है। वहीं किशनगंज, सुपौल और पश्चिमी चंपारण के कुछ हिस्सों में भी जोरदार बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से बिना जरूरी काम के घर से बाहर नहीं निकलने और सतर्क रहने की अपील की है।
इसके अलावा पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण समेत उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में वज्रपात का भी खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेतों या पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मध्य राजस्थान से बिहार होते हुए पूर्वोत्तर भारत तक फैली मानसूनी द्रोणी और राज्य के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण वातावरण में नमी काफी बढ़ गई है। इसी वजह से बादलों का घनत्व बढ़ा है और कई जिलों में तेज बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।
पिछले 24 घंटों में रोहतास जिले में अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं भभुआ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दूसरी ओर अरवल में न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी पटना में भी 33 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
बारिश और वज्रपात के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। किसानों और आम नागरिकों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।



