
पटना। आगामी 10 और 11 अक्टूबर को ट्रेन से उत्तर प्रदेश और बिहार की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के लखनऊ मंडल के अंतर्गत आने वाले गोरखपुर-गोंडा रेल खंड पर महत्वपूर्ण निर्माण कार्य के चलते मेगा ब्लॉक लिया गया है। इस दौरान कई प्रमुख और वीआईपी ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन (डायवर्जन) किया गया है, जबकि कई अन्य ट्रेनें रास्ते में रोककर (नियंत्रित कर) चलाई जाएंगी। ऐसे में अगर आप भी सफर की तैयारी में हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति जरूर जांच लें, अन्यथा स्टेशन पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, गोरखपुर-गोंडा रेल खंड पर स्थित स्वामी नारायण छपिया, मसकनवा, लखपतनगर और मनकापुर स्टेशनों के बीच (लगभग 18.82 किलोमीटर की दूरी में) ऑटोमेटिक सिगनलिंग प्रणाली को शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इस नई और उन्नत सिगनलिंग प्रणाली की कमीशनिंग के लिए 10 और 11 अक्टूबर 2026 को नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) का जटिल कार्य किया जाएगा। इस तकनीकी कार्य के चलते रेलवे को इस व्यस्त रूट पर ट्रैफिक रोकना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर दिल्ली, पंजाब और मुंबई से उत्तर बिहार जाने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों पर पड़ेगा।
इन प्रमुख ट्रेनों का बदला गया है रूट:
इस मेगा ब्लॉक के कारण सबसे ज्यादा असर उन ट्रेनों पर पड़ेगा जो दिल्ली और बिहार के बीच लाइफलाइन मानी जाती हैं। रेलवे द्वारा जारी सूची के मुताबिक, 10 अक्टूबर को चलने वाली 12565 दरभंगा-नई दिल्ली बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, 14048 दिल्ली-सीतामढ़ी अमृत भारत एक्सप्रेस, 12558 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर सप्तक्रांति एक्सप्रेस और 19726 दरभंगा-खातीपुरा अमृत भारत एक्सप्रेस अब अपने निर्धारित मार्ग के बजाय गोरखपुर-बढ़नी-गोंडा के रास्ते चलाई जाएंगी।वहीं, 9 अक्टूबर को डिब्रूगढ़ से खुलने वाली 15949 डिब्रूगढ़-गोमती नगर एक्सप्रेस और 15909 अवध आसाम एक्सप्रेस छपरा-औंड़िहार-वाराणसी जंक्शन-अयोध्या कैंट होकर गुजरेंगी। इसके चलते सीवान, देवरिया सदर, गोरखपुर, खलीलाबाद और बस्ती जैसे प्रमुख स्टेशनों के यात्री प्रभावित होंगे। इसके अलावा 02563/02564 बरौनी-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल, तथा 02569/02570 दरभंगा-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल ट्रेनें भी गोरखपुर रूट को छोड़कर छपरा, औंड़िहार, बनारस और प्रयागराज होते हुए कानपुर सेंट्रल तक का सफर तय करेंगी। जयनगर-अमृतसर शहीद एक्सप्रेस और सत्याग्रह एक्सप्रेस का रूट भी बदल दिया गया है।
रास्ते में लेट होंगी ये ट्रेनें:
मार्ग परिवर्तन के साथ-साथ रेलवे ने कई ट्रेनों को रास्ते में नियंत्रित (रोककर) चलाने का भी फैसला किया है। 9 अक्टूबर को चलने वाली पोरबंदर-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस (19269) रास्ते में करीब सवा दो घंटे (135 मिनट) और बांद्रा-बरौनी अवध एक्सप्रेस (19037) कुल 180 मिनट की देरी से चलेगी। 10 अक्टूबर को बरौनी-लखनऊ जंक्शन एक्सप्रेस, आनंद विहार-बापूधाम मोतिहारी एक्सप्रेस (30 मिनट) और काठगोदाम-हावड़ा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी विभिन्न स्टेशनों पर नियंत्रित की जाएंगी।
यात्रियों से रेलवे की अपील:
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए रेलवे के राष्ट्रीय पूछताछ नंबर 139 या एनटीईएस (NTES) ऐप के माध्यम से अपनी ट्रेन की अद्यतन जानकारी (करंट स्टेटस) प्राप्त करने के बाद ही स्टेशन के लिए प्रस्थान करें। नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य पूरा होते ही इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन पुनः सामान्य हो जाएगा और ऑटोमेटिक सिगनलिंग से भविष्य में ट्रेनों की लेटलतीफी में काफी कमी आएगी।



