
पटना। ऐतिहासिक चंपारण की धरती और शहर के हृदय स्थली में स्थित गांधी संग्रहालय की चहारदीवारी पर सोमवार की सुबह एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ। असामाजिक तत्वों ने शहर का सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को आतंकवादी संगठन बताते हुए बेहद आपत्तिजनक वॉल पेंटिंग कर दी। जैसे ही सुबह-सुबह यह खबर शहर में फैली, सनसनी मच गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और महज कुछ ही घंटों के भीतर इस कृत्य को अंजाम देने वाले एक आरोपित युवक को धर दबोचा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार की अहले सुबह जब शहर के गणमान्य नागरिक और आम लोग मॉर्निंग वॉक के लिए गांधी संग्रहालय की तरफ निकले, तो उनकी नजर संग्रहालय की पिछली और आसपास की दीवारों पर पड़ी। दीवारों पर बड़े-बड़े अक्षरों में आरएसएस को सीधे तौर पर आतंकी संगठन करार दिया गया था। साजिशकर्ताओं ने भ्रम फैलाने के उद्देश्य से इन भड़काऊ नारों के ठीक नीचे नेताजी सुभाषचंद्र बोस का नाम लिख दिया था। इसके अतिरिक्त, आस्था और महापुरुषों से जुड़े कई संवेदनशील विषयों पर भी विवादित टिप्पणियां उकेरी गई थीं, जिनके साथ भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर और दार्शनिक ओशो आदि के नाम दर्ज किए गए थे।
मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने देखी साजिश
शहर के बीचों-बीच इस तरह की विवादित पेंटिंग की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और तुरंत नगर थाना पुलिस को मौके पर पहुंचने का सख्त निर्देश दिया। नगर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में भारी पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा और माहौल को शांत रखने के लिए सबसे पहले उन सभी आपत्तिजनक पेंटिंग्स पर आनन-फानन में रंग पुतवा कर उन्हें मिटवा दिया गया। पुलिस ने मामले में वैज्ञानिक अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए शहर के बेलिसराय मोहल्ले से एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित युवक की पहचान सुनील कुमार के रूप में हुई है, जो वर्तमान में गांधी संग्रहालय के समीप स्थित नरसिंह बाबा मंदिर के पास रहता है। पुलिस टीम ने उसकी निशानदेही पर वह पेंट और ब्रश भी जब्त कर लिया है, जिससे विवादित टिप्पणियां लिखी गई थीं। जब्त किए गए पेंट का दीवारों पर लगे रंग से प्रारंभिक मिलान भी करा लिया गया है।
पेंट व ब्रश के साथ रंगेहाथों आरोपित गिरफ्तार
नगर थाना में की गई सघन पुलिसिया पूछताछ में सुनील ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने पुलिस को बताया है कि वह किसी विशेष विचारधारा से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि उसे यह भड़काऊ पेंटिंग करने के लिए कुछ लोगों द्वारा बाकायदा पैसे दिए गए थे। इस खुलासे ने स्पष्ट कर दिया है कि मोतिहारी में दंगा भड़काने या शांति भंग करने के लिए किसी बड़ी साजिश की पटकथा रची गई थी। गिरफ्तार युवक से पूछताछ के आधार पर पुलिस को उन मास्टरमाइंड्स के नाम पता चले हैं जिन्होंने इस कृत्य के लिए फंडिंग की थी। फिलहाल पुलिस की विशेष टीमें उन चेहरों को बेनकाब करने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन ने आम लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।



