
पटना। जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने एक अज्ञात मोबाइल नंबर के जरिए खुद को और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी देने तथा ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि कॉलर कथित तौर पर फर्जी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसों की उगाही का प्रयास कर रहा है। मामले में पुलिस की अब तक की निष्क्रियता पर कड़ा रोष जताते हुए उन्होंने सरकार और प्रशासन से तत्काल निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है। तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि मोबाइल नंबर 7520322647 से उन्हें और उनके करीबियों को लगातार परेशान किया जा रहा है। असामाजिक तत्व विशेष रूप से उनकी पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को निशाना बना रहे हैं। ब्लैकमेलर उन्हें कथित आपत्तिजनक वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर डराने का प्रयास कर रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस तरह की शिकायतें केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि पार्टी से जुड़ी महिला कार्यकर्ताओं की ओर से भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में रोष है।
निशाने पर हैं महिला व पुरुष कार्यकर्ता
जेजेडी अध्यक्ष ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि वे इस संदिग्ध नंबर को लेकर पहले भी सार्वजनिक मंचों से अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि आखिर पुलिस की कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? इस नंबर के पीछे कौन सा गिरोह काम कर रहा है और उसे किस प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है? उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कोई एक्शन न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगाता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तेज प्रताप ने स्पष्ट किया कि वे बिना किसी पुख्ता प्रमाण के किसी व्यक्ति विशेष को सीधे तौर पर दोषी नहीं ठहरा रहे हैं, लेकिन सच्चाई सामने आनी चाहिए। उनकी मांग है कि प्रशासन और संबंधित जांच एजेंसियां (साइबर सेल) उक्त मोबाइल नंबर से जुड़े कॉल डिटेल्स, संदेशों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की विधिसम्मत जांच करें। इसके पीछे जो भी वास्तविक उपयोगकर्ता और मास्टरमाइंड हैं, उनकी पहचान कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
धमकियों से झुकने वाले नहीं
अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए तेज प्रताप ने कड़े शब्दों में कहा कि वे इस तरह की ओछी हरकतों और धमकियों से डरने या दबने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि उनकी पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता, सहयोगी, महिला या पुरुष को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया, तो वे उनके साथ चट्टान की तरह मजबूती से खड़े रहेंगे और उनकी आवाज सड़क से सदन तक उठाएंगे।तेज प्रताप के इस सार्वजनिक खुलासे के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलके में हलचल तेज हो गई है। अब देखना यह है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी तत्परता दिखाता है और इन धमकियों के पीछे की असली सच्चाई कब तक सामने आती है।



