
पटना। बिहार के युवाओं को अब अपने ही जिले में नया कारोबार शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने का एक सुनहरा अवसर मिला है। शनिवार को पटना के राजेंद्र नगर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी में देश के पहले जिला स्तरीय उद्यमिता आंदोलन “शुरू कर” (Shuru Kar) का विधिवत शुभारंभ हुआ। यह ऐतिहासिक पहल योरस्टोरी (YourStory) के ‘द भारत प्रोजेक्ट’ द्वारा शुरू की गई है, जिसे केंद्र सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) और ‘स्टार्टअप इंडिया’ का पूर्ण सहयोग प्राप्त है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपनी स्थानीय समस्याओं के समाधान खोजकर उन्हें एक सफल व्यापार में बदलने के लिए प्रेरित करना है।इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा उपस्थित रहे। युवाओं को संबोधित करते हुए मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार को लेकर जो भी पुरानी नकारात्मक धारणाएं थीं, वे अब जमीनी स्तर पर तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सिर्फ सरकारी या निजी नौकरी की तलाश में अपना समय न बिताएं, बल्कि ‘नौकरी देने वाले’ (Job Creators) बनें। उन्होंने कहा, “हर सफल उद्यमी के पीछे कड़ा संघर्ष होता है। युवाओं को बिना डरे अपनी मिट्टी में ही अपना कारोबार खड़ा करना चाहिए।”
पटना से ‘शुरू कर’ आंदोलन का शंखनाद
योरस्टोरी और ‘द भारत प्रोजेक्ट’ की संस्थापक व सीईओ श्रद्धा शर्मा ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि भारत के हर छोटे-बड़े जिले में असीम प्रतिभा है, बस उन्हें सही मंच की दरकार है। वर्ष 2008 में योरस्टोरी की शुरुआत करने वाली श्रद्धा ने कहा, “अगली पीढ़ी के सफल उद्यमी केवल दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों से नहीं, बल्कि पटना, गया, दरभंगा और मुजफ्फरपुर जैसे हमारे छोटे शहरों से निकलेंगे। हम ‘शुरू कर’ पहल के जरिए सही समस्या चुनने से लेकर पहला ग्राहक मिलने तक युवाओं का पूरा साथ देंगे।” कार्यक्रम में डब्ल्यूओयूआई इंडिया के सीईओ अमर दीक्षित और इनयूनिटी के सीईओ जॉनसन टेलिस ने भी अपने विचार साझा किए।
10 लाख नए बिजनेस आइडियाज की तलाश
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि “शुरू कर” प्लेटफॉर्म पर जुड़ने वाले हर युवा को एक ‘एआई (AI) को-पायलट’ की सुविधा मिलेगी, जो उनके व्यापारिक विचारों को निखारने में मदद करेगा। इस आंदोलन ने अगले 18 महीनों के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसके तहत 10 लाख नए व्यावसायिक विचार जुटाए जाएंगे, 1 लाख नए उद्यम स्थापित किए जाएंगे और 5,000 स्टार्टअप्स को सीधे वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके लिए किसी नए सरकारी फंड की मांग नहीं की गई है। लॉन्च के दौरान देश की बड़ी समस्याओं के समाधान हेतु “शुरू कर चैलेंज लें” की भी घोषणा की गई।कार्यक्रम के अंतिम सत्र में कई सफल उद्यमियों ने अपने संघर्ष की प्रेरक कहानियां साझा कीं। यह पूरा आयोजन “होकर निडर, शुरू कर” के ओजस्वी नारे के साथ संपन्न हुआ। द भारत प्रोजेक्ट का लक्ष्य आने वाले समय में 10,000 टिकाऊ स्टार्टअप्स खड़े करना है, जिससे बिहार और देश की तस्वीर पूरी तरह से बदल सकेगी।



