
पटना । सीमांचल के लोगों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिलों में रेलवे की विशेष परियोजनाओं के तहत प्रस्तावित 21 नए रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण का रास्ता अब साफ होने लगा है। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने इन आरओबी के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में आ रही सुस्ती को खत्म करते हुए काम में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि हर हाल में एक सप्ताह के भीतर धारा 20(ए) के तहत भू-अर्जन की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, साप्ताहिक रिपोर्ट तलब
पटना स्थित विभागीय कार्यालय कक्ष में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री डॉ. जायसवाल ने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने दोटूक कहा कि जनहित और पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी से जुड़ी इन अतिमहत्वाकांक्षी परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही या अनावश्यक विलंब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी अधिकारी अब इसकी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट सौंपेंगे। रेलवे और जिला प्रशासन के बीच आपसी समन्वय को और मजबूत कर भूमि अधिग्रहण में आ रही अड़चनों को तत्काल दूर करने को कहा गया है, ताकि अधिग्रहित भूमि तय समयसीमा के भीतर रेलवे को हस्तांतरित की जा सके।
बैठक में रेलवे और राज्य के आला अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) और कटिहार रेल मंडल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एवं मुख्य अभियंता सहित कई उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल हुए। वहीं, राज्य सरकार की ओर से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भू-अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह तथा चारों संबंधित जिलों के जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (डीएलएओ) भी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य फोकस इसी बात पर रहा कि कैसे दोनों विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर विकास कार्यों को गति दी जाए।
पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
इन 21 आरओबी के निर्माण से न केवल सीमांचल के इन चारों जिलों में वर्षों पुरानी ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान होगा, बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों तक रेलवे और सड़क मार्ग से माल ढुलाई एवं आम लोगों का सफर भी काफी सुगम हो जाएगा। मंत्री की इस सख्ती के बाद अब उम्मीद जगी है कि रेलवे की इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को जल्द ही धरातल पर उतारा जा सकेगा।



