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बिहार में अश्लील गानों पर होगी सख्ती!

बिहार में अश्लील गानों का मुद्दा नया नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से एक गहरे विवाद का केंद्र रहा है. लेकिन अब सख्ती तय मानी जा रही है. कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने पदभार संभालते ही साफ शब्दों में चेतावनी जारी कर दी है कि राज्य में अश्लील गाना बजाने वाले अब किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे. मंत्री ने कहा कि उनकी प्राथमिकता में सबसे पहले अश्लील और समाज को दूषित करने वाले गानों पर पूरी तरह रोक लगाना शामिल है.

कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि कुछ लोग अश्लील और फूहड़ गाने बजाकर समाज को दूषित कर रहे हैं, और ऐसे लोगों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि कला और संस्कृति का उद्देश्य समाज को जोड़ना होता है और यह लोगों को मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से सकारात्मक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है.

मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने जोर देकर कहा कि संगीत और कला समाज की संवेदनाओं से जुड़े होते हैं और इनका इस्तेमाल किसी भी रूप में अश्लीलता को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि सरकार समाजिक मर्यादाओं और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.बिहार में अश्लील गानों का विवाद कोई नया मामला नहीं है। पिछले कई वर्षों से इस मुद्दे पर बहस होती रही है। कई सामाजिक संगठनों, महिलाओं और बुद्धिजीवियों ने समय-समय पर ऐसे गानों पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना रहा है कि फूहड़ गानों से समाज में गलत माहौल बनता है और महिलाओं के प्रति गलत सोच को बढ़ावा मिलता है।

बता दें कि बिहार में अश्लील गानों और फूहड़ गायकी पर प्रतिबंध लगाने की मांग वर्षों पुरानी है, जिसे लेकर समय-समय पर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर विरोध के स्वर उठते रहे हैं. मनोरंजन के नाम पर परोसी जा रही इस अश्लीलता को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन और कलाकारों के बीच ठन चुकी है. हालांकि, लोक संस्कृति की दुहाई देकर अक्सर इसे नजरअंदाज किया जाता रहा है. लेकिन अब नई सरकार और खासकर मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी की सख्त चेतावनी ने इस पुरानी मांग को एक बार फिर नई धार दे दी है. कुल मिलाकर, बिहार सरकार अब अश्लील गानों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के संकेत दे रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस दिशा में क्या कदम उठाती है और इसका समाज पर कितना असर पड़ता है।

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