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‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर महिला से 21 लाख की ठगी, पैसे खत्म होने पर अपहरण का प्रयास, आरोपित गिरफ्तार

मोतिहारी । साइबर अपराधियों ने अब ठगी का नया और खौफनाक तरीका ईजाद कर लिया है। ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने वाले इन अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे अपहरण और मानव तस्करी जैसी गंभीर वारदातों को भी बेखौफ अंजाम देने लगे हैं। जिले के डुमरियाघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर खजुरिया गांव में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहां एक महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खौफ दिखाकर पहले उससे करीब 21 लाख रुपये की ठगी की गई। इसके बाद जब महिला के पास पैसे खत्म हो गए, तो आरोपितों ने उसे विदेश भेजने का झांसा देकर अगवा करने की कोशिश की। हालांकि, महिला की सूझबूझ और ग्रामीणों की तत्परता से अपहरण की यह साजिश नाकाम हो गई और एक आरोपित को रंगे हाथ दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।जानकारी के अनुसार, पीड़िता ममता देवी पिपराकोठी थाना क्षेत्र के बीर छपरा निवासी स्वर्गीय शर्मा कुमार गिरी की पत्नी हैं। वह इन दिनों डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के रामपुर खजुरिया स्थित अपने मायके में रह रही थीं। इसी दौरान साइबर जालसाजों ने उन्हें फोन कर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया और फर्जी मामलों में फंसाने व ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने की धमकी दी। डरा-धमका कर जालसाजों ने महिला से अलग-अलग किस्तों में 21 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़िता की सारी जमा-पूंजी खत्म हो गई, तो अपराधियों ने एक नई चाल चली।

डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर महिला से 21 लाख की ठगी

शातिर ठगों ने पैसे ऐंठने के बाद महिला को विदेश भेजने का प्रलोभन दिया और उसे अपने साथ ले जाने के लिए गांव पहुंच गए। उनकी मंशा महिला का अपहरण कर उसे किसी बड़े गिरोह को सौंपने की थी। लेकिन, इसी बीच महिला को अनहोनी की आशंका हुई और उसने यह पूरी बात अपने मायके वालों को बता दी।मामले की भनक लगते ही स्वजन और ग्रामीण तुरंत सतर्क हो गए। जैसे ही आरोपित महिला को ले जाने के लिए वहां पहुंचा, ग्रामीणों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। इसके बाद तत्काल डुमरियाघाट थाना पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए युवक की पहचान सीवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र स्थित पुरैना राघो गांव निवासी आध्या शरण मिश्रा के पुत्र आकाश मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपित के पास से घटना में प्रयुक्त एक टाटा पंच कार और दो स्मार्टफोन भी जब्त किए हैं।

मुख्य आरोपित आकाश मिश्रा, भेजा गया जेल

इस पूरे प्रकरण में पीड़िता द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर डुमरियाघाट थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आवेदन में ठगी करने वाले गिरोह के कई अन्य सदस्यों के नाम और उनके मोबाइल नंबरों का भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। साथ ही गिरोह पर अन्य महिलाओं को भी इसी तरह झांसा देने और मानव तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। थानाध्यक्ष विवेक कुमार बालेन्दु ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामला बेहद गंभीर है। गिरफ्तार आरोपित आकाश मिश्रा से सघन पूछताछ की जा रही है। जब्त मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स (सीडीआर) और बैंक खातों के लेन-देन को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट के तार कहां-कहां जुड़े हैं। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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