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चिकित्सा आपके द्वार: बिहार के 6 करोड़ लोगों की होगी मुफ्त स्वास्थ्य जांच, घर-घर पहुंचेंगे स्वास्थ्यकर्मी

पटना। बिहारवासियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। अब गंभीर बीमारियों की जांच और इलाज के लिए मरीजों को अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि स्वास्थ्य विभाग खुद उनके दरवाजे पर दस्तक देगा। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बुधवार को ‘जांच एवं उपचार – चिकित्सा आपके द्वार’ नामक महाभियान का भव्य शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्र सरकार के सहयोग से शुरू की गई इस योजना को राज्य के लिए एक बड़ी सौगात बताते हुए मंत्री ने कहा कि इसका लक्ष्य बिहार के 6 करोड़ लोगों की घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच करना है, ताकि समय रहते जानलेवा बीमारियों की पहचान कर उनका इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

14,500 स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष तैयारी

इस वृहद अभियान के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की गैर-संचारी रोगों (NCD) की व्यापक स्क्रीनिंग की जाएगी। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर प्राथमिक जांच करेंगे। इसके लिए राज्य भर के 14,500 स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक उपकरणों से लैस कर विशेष व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट में बीमारी की पुष्टि होने पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर से लेकर जिला अस्पतालों तक मरीजों को मुफ्त उपचार, विशेषज्ञ परामर्श, टेलीमेडिसिन और जरूरी रेफरल की सुविधा प्रदान की जाएगी।

इन गंभीर बीमारियों पर रहेगा सीधा फोकस

अभियान के दौरान मुख्य रूप से जीवनशैली से जुड़ी गंभीर बीमारियों की जांच की जाएगी। इनमें शामिल हैं: मधुमेह (डायबिटीज)उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन)सामान्य कैंसरहृदय रोग (हार्ट प्रॉब्लम)सांस एवं फेफड़ों से संबंधित बीमारियांफैटी लिवर । स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का जोर मरीजों के रेफरल को कम करने पर है। इसके लिए जिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। अब जिला अस्पतालों में 70 प्रकार के ऑपरेशन कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से 40 तरह की सर्जरी की सुविधा वर्तमान में सफलतापूर्वक उपलब्ध कराई जा रही है। अभियान की शुरुआत के मौके पर मंत्री निशांत ने बिहार की जनता, विशेषकर युवाओं से एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि लोग अपनी बीमारियों को छिपाने के बजाय बेझिझक स्वास्थ्यकर्मियों से संपर्क कर जांच व इलाज कराएं। साथ ही, उन्होंने तंबाकू, गुटखा, शराब और ड्रग्स जैसे जानलेवा व्यसनों से पूरी तरह दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “नशे से बचकर ही एक स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है और एक ‘स्वस्थ बिहार’ का निर्माण ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

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