
पटना। बिहार की राजधानी पटना में इन दिनों सियासी पारा सातवें आसमान पर है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव जैसे-जैसे अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, राजनीतिक दलों और दिग्गजों के बीच जुबानी जंग भी उतनी ही तीखी होती जा रही है। चुनाव प्रचार के इस अंतिम दौर में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला अपने चरम पर पहुंच गया है। इसी कड़ी में, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता और पटना स्नातक सीट से पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार नीरज कुमार के स्वास्थ्य बिगड़ने और फिर अस्पताल से छुट्टी मिलने के घटनाक्रम पर मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह ने जोरदार तंज कसा है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के अस्पताल जाने को महज एक ‘नाटक’ और ‘टोटका’ करार देकर बिहार की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। विदित हो कि चुनाव प्रचार के बीच अचानक हृदय संबंधी परेशानी महसूस होने के बाद नीरज कुमार को पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां करीब 24 घंटे तक उनका सघन इलाज चला और स्थिति में सुधार होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। नीरज कुमार के समर्थकों ने जहां उनके स्वस्थ होकर बाहर आने पर राहत की सांस ली, वहीं अनंत सिंह ने इसे लेकर एक बड़ा सियासी हमला बोल दिया। मीडिया से मुखातिब होते हुए पूर्व विधायक अनंत सिंह ने दावा किया कि इसमें उनके लिए कुछ भी नया या आश्चर्यजनक नहीं है। उन्होंने कहा, “हम तो कल ही लोगों को बता दिए थे कि नीरज कुमार ज्यादा देर अस्पताल में नहीं रुकेंगे। वे नाटक कर रहे हैं और टोटका करना अच्छी तरह जानते हैं। देख लीजिए, हमारी बात सच साबित हुई और वे कुछ ही घंटों में अस्पताल से बाहर आ गए।” अनंत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं की सहानुभूति बटोरने के लिए नीरज कुमार अक्सर इस तरह की राजनीतिक रणनीतियां अपनाते रहे हैं।
वशिष्ठ नारायण सिंह से मिलने पहुंचे थे अनंत सिंह
अनंत सिंह का यह बयान उस वक्त सामने आया जब वे जदयू के वयोवृद्ध और वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह (दादा) से उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए पटना के आईजीआईएमएस (IGIMS) अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल परिसर के बाहर ही पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर यह शाब्दिक बाण छोड़े। इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असल वजह पटना स्नातक चुनाव का सियासी समीकरण है। दरअसल, अनंत सिंह इस चुनाव में खुलकर जन सुराज समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं और उनके लिए समर्थन जुटा रहे हैं। वहीं, नीरज कुमार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के सिंबल पर चुनावी मैदान में अपनी साख बचाने उतरे हैं। ऐसे में अनंत सिंह द्वारा डॉ. अनुज सिंह का समर्थन करना और नीरज कुमार पर सीधे हमले करना, इस चुनाव को एक बेहद दिलचस्प और प्रतिष्ठा की लड़ाई में तब्दील कर चुका है। गौरतलब है कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि मतों की गिनती 27 अक्टूबर को की जाएगी। चुनाव में अब महज कुछ ही समय बचा है, ऐसे में सभी उम्मीदवार और उनके समर्थक अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। जदयू जहां नीरज कुमार की जीत के प्रति आश्वस्त नजर आ रही है, वहीं डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में अनंत सिंह की लामबंदी ने मुकाबले को कांटे का बना दिया है। फिलहाल, अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद नीरज कुमार की ओर से अनंत सिंह के इस ‘नाटक’ और ‘टोटका’ वाले बयान पर क्या पलटवार किया जाता है, इस पर पूरे बिहार के राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी हुई हैं। चुनाव के अंतिम दिनों में यह जुबानी जंग अभी और तेज होने के पूरे आसार हैं।



