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दिवाली और छठ पर बिहार को मिल सकता है बड़ा तोहफा: पटना-दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की तैयारी

पटना-दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की तैयारी

पटना। दुर्गा पूजा, दिवाली और महापर्व छठ… त्योहारों का मौसम आते ही देश के विभिन्न हिस्सों से बिहार लौटने वाले प्रवासियों की भारी भीड़ उमड़ने लगती है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और कंफर्म टिकट की मारामारी के बीच रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। चर्चा तेज है कि भारतीय रेलवे इस त्योहारी सीजन में पटना और नई दिल्ली के बीच बहुप्रतीक्षित ‘वंदे भारत स्लीपर’ ट्रेन की सौगात दे सकता है। हालांकि, पूर्व मध्य रेलवे या रेलवे बोर्ड की ओर से अभी इसके शेड्यूल की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इस सुगबुगाहट मात्र से यात्रियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। वर्तमान में पटना से दिल्ली के बीच राजधानी एक्सप्रेस, तेजस, संपूर्ण क्रांति और गरीब रथ जैसी दर्जनभर प्रीमियम ट्रेनें संचालित होती हैं, जो अमूमन 12 से 14 घंटे का समय लेती हैं। वंदे भारत स्लीपर की अधिकतम रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इसके शुरू होने से न सिर्फ यह सफर काफी कम समय में पूरा होने की उम्मीद है, बल्कि यात्रियों को एक विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव भी मिलेगा। त्योहारों के समय जब हवाई सफर का किराया आसमान छूने लगता है, तब यह प्रीमियम ट्रेन विमान यात्रा को भी कड़ी टक्कर देगी।

त्योहारों में कम होगा सफर का तनाव

देश की इस अत्याधुनिक स्लीपर ट्रेन को पूरी तरह से यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। ट्रेन के अंदर का नजारा किसी लग्जरी होटल जैसा होगा। हर बर्थ पर यूएसबी चार्जिंग पॉइंट, व्यक्तिगत रीडिंग लैंप, हाई-स्पीड वाई-फाई और रियल-टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी। इसके अलावा, टच-फ्री बायो-वैक्यूम वाशरूम, बदबू-रहित वेंटिलेशन और ऊपरी बर्थ पर जाने के लिए सुरक्षित व सुविधाजनक सीढ़ियां इसे खास बनाती हैं। फर्स्ट एसी के यात्रियों के लिए तो सफर के दौरान गर्म पानी से नहाने (शावर) तक की व्यवस्था की गई है। प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर में कुल 16 कोच लगाए जाने की बात कही जा रही है। इनमें 11 कोच थर्ड एसी के होंगे जिनमें 611 सीटें होंगी। वहीं, चार कोच सेकंड एसी (188 सीटें) और एक कोच फर्स्ट एसी (24 सीटें) का होगा। इस तरह एक बार में करीब 827 यात्री आरामदायक सफर का आनंद ले सकेंगे। बुजुर्गों और दिव्यांग जनों की सहूलियत के लिए खास चौड़े दरवाजे और विशेष बर्थ का भी प्रावधान किया गया है।

827 यात्रियों के सफर की होगी क्षमता

यह ट्रेन रफ्तार और लग्जरी के साथ-साथ सुरक्षा के मामले में भी अव्वल है। ट्रेन को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए स्वदेशी ‘कवच’ (एंटी-कोलिजन सिस्टम) से लैस किया गया है। इसके ऑटोमैटिक प्लग दरवाजे तभी खुलेंगे जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह से रुक जाएगी। हर कोच में सीसीटीवी कैमरे, फायर डिटेक्शन सिस्टम और आपात स्थिति में लोको पायलट से सीधे बात करने के लिए ‘टॉक-बैक’ यूनिट लगाई गई है।फिलहाल, बिहारवासियों की निगाहें रेलवे बोर्ड की अंतिम मुहर पर टिकी हैं। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो इस बार की दिवाली और छठ पर यात्री नई वंदे भारत में लेटकर दिल्ली से पटना तक का सुहाना सफर तय कर सकेंगे।

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