newspatnarajnitiबिहार

किसके साथ होंगे तेज प्रताप? बांकीपुर उपचुनाव से पहले सियासी अटकलें तेज

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर सस्पेंस बनाए रखा है। पार्टी उम्मीदवार वीणा मानवी के चुनावी मैदान से हटने के बाद यह चर्चा तेज थी कि जेजेडी किसी अन्य दल या प्रत्याशी के समर्थन का ऐलान कर सकती है। हालांकि, तेज प्रताप यादव ने फिलहाल ऐसी सभी अटकलों को खारिज कर दिया है।

समर्थन पर अभी नहीं लिया गया फैसला

तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर स्पष्ट किया कि जनशक्ति जनता दल ने अभी तक किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को समर्थन देने का निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही अंतिम फैसला करेगी।

एक-दो दिन में होगा ऐलान

उन्होंने बताया कि अगले एक-दो दिनों में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद पार्टी नेतृत्व सामूहिक रूप से निर्णय लेकर सार्वजनिक करेगा कि बांकीपुर उपचुनाव में किस उम्मीदवार या दल का समर्थन किया जाएगा।

जेजेडी में शामिल हुईं आरजेडी की वरिष्ठ नेत्री

इसी बीच तेज प्रताप यादव ने राष्ट्रीय जनता दल को एक और झटका दिया। आरजेडी की वरिष्ठ नेता प्रतिमा सिंह ने पार्टी छोड़कर जनशक्ति जनता दल की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसकी जानकारी भी तेज प्रताप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी।

33 साल तक रही थीं आरजेडी में

तेज प्रताप ने कहा कि प्रतिमा सिंह ने तीन दशक से अधिक समय तक आरजेडी के लिए काम किया, लेकिन उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से उन्होंने जेजेडी का दामन थामने का फैसला लिया।

सम्मान और न्याय का भरोसा

जेजेडी अध्यक्ष ने प्रतिमा सिंह का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी सम्मान और न्याय की राजनीति में विश्वास करती है और हर कार्यकर्ता को उचित स्थान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

किसे मिलेगा फायदा?

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा, जन सुराज के प्रशांत किशोर और राजद की रेखा गुप्ता के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। ऐसे में जेजेडी का समर्थन किसे मिलेगा, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि तेज प्रताप यादव का फैसला चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है।

फिलहाल जेजेडी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। अब सबकी निगाहें पार्टी के अगले आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं, जिससे बांकीपुर उपचुनाव की तस्वीर कुछ हद तक साफ हो सकती है।

Related Articles

Back to top button