
पटना। अगस्त महीने के अंत में आई विनाशकारी बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण अपनी तैयार फसलों का भारी नुकसान झेलने वाले बिहार के लाखों किसानों के लिए बुधवार का दिन बड़ी राहत लेकर आया। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सूबे के 2,48,704 बाढ़ प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 112.52 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर (डीबीटी) कर दी है। कृषि विभाग की ओर से आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के माध्यम से यह राशि अन्नदाताओं के खातों में भेजी। यह राशि ‘कृषि इनपुट अनुदान योजना’ के तहत दी गई है, ताकि किसान रबी की आगामी बुआई और कृषि कार्यों को बिना किसी आर्थिक अड़चन के शुरू कर सकें।इस अवसर पर उपस्थित लोगों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े राज्य भर के किसानों व जिलाधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि किसानों को संकट के समय त्वरित सहायता पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत उपलब्ध कराने के लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमारा मुख्य प्रयास यही है कि प्रभावित अन्नदाताओं को समय पर फसल क्षति की आर्थिक सहायता मिल जाए, जिससे वे खेती-किसानी के कार्यों को निर्बाध रूप से आगे बढ़ा सकें।
सीएम सम्राट ने सीधे खाते में भेजे 112 करोड़ रुपये
प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बाढ़ और अप्रत्याशित जलस्तर वृद्धि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्यभर से कुल 4,57,616 किसानों ने कृषि इनपुट अनुदान के लिए आवेदन किया था। पूरी पारदर्शिता के साथ आवेदनों के सत्यापन के बाद प्रथम चरण में 2,48,704 प्रभावित किसानों के खाते में 112.52 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से भेज दी गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि दशहरा पर्व की समाप्ति के बाद आगामी 22 अक्टूबर से राज्यभर में एक विशेष अभियान चलाया जाए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ से जिन भी किसानों को फसल क्षति हुई है, उन्हें हर हाल में अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाए। कोई भी वास्तविक और आपदा प्रभावित किसान इस सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।राहत राशि के मानकों की विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि इनपुट अनुदान योजना के अंतर्गत किसानों के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। इसके तहत असिंचित फसल क्षेत्र वाले किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाता है। वहीं, सिंचित क्षेत्र के लिए यह राशि 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है। इसके अतिरिक्त, जो किसान साश्वत या बहुवर्षीय (लंबे समय तक चलने वाली) फसलों की खेती करते हैं, उन्हें सर्वाधिक 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से अनुदान दिया जा रहा है।
बाढ़ मुआवजे के 112 करोड़ रुपये बैंक खातों में ट्रांसफर
सीएम सम्राट चौधरी ने केंद्र और पूर्ववर्ती राज्य सरकार के कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमेशा किसानों के हितों की लगातार चिंता की है। कृषि क्षेत्र के विकास के लिए काफी काम किया गया है।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव और आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रशासनिक स्तर पर विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, आपदा प्रबंधन के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, सीएम के सचिव लोकेश कुमार सिंह और कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी जिलों के डीएम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।



