
पटना। पूर्वी चंपारण जिले में वर्षों से जमीन के एक छोटे से टुकड़े और सिर पर अपनी एक अदद छत के इंतजार में जिंदगी गुजार रहे भूमिहीन परिवारों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। जिला प्रशासन ने अब ऐसे गरीब और वंचित परिवारों को आशियाना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘अभियान बसेरा’ को मिशन मोड में आगे बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली है। जिले में वासभूमि से वंचित कोई भी पात्र परिवार इस कल्याणकारी अभियान की पहुंच से बाहर न रह जाए, इसके लिए अंचल स्तर तक प्रशासनिक निगरानी को और अधिक मजबूत किया जाएगा। अब अंचल स्तर पर आवेदन लिया जाएगा, तत्काल पात्रता की जांच होगी और पात्र पाए जाने पर नियमानुसार जमीन का पर्चा उपलब्ध कराया जाएगा।
डीएम ने दिए सख्त निर्देश, लालफीताशाही नहीं होगी बर्दाश्त
जिला मुख्यालय से हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद जिलाधिकारी (डीएम) सौरभ सुमन यादव ने अभियान की धीमी गति या किसी भी स्तर पर होने वाली कोताही को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि जिले में जिन लोगों के पास अपनी वासभूमि नहीं है, उनसे प्राथमिकता के आधार पर आवेदन प्राप्त किया जाए। आवेदन मिलते ही बिना किसी विलंब के उसकी जांच कर पात्र लाभुकों के मामले में नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीएम ने अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा को सभी अंचल अधिकारियों (सीओ) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नियमित समीक्षा करने तथा अभियान की प्रगति पर लगातार पैनी नजर रखने का कड़ा निर्देश दिया है। योजना की प्रगति की विस्तृत जानकारी देते हुए अपर समाहर्ता ने बताया कि अभियान बसेरा के तहत पिछले 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर जिले में कुल 1429 परिवारों को भूमि का पर्चा उपलब्ध कराया गया था। आंकड़ों के अनुसार, इसमें चकिया के सर्वाधिक 219, केसरिया के 102, ढाका के 94, रामगढ़वा के 78, मेहसी के 66, चिरैया के 65, बंजरिया के 57, रक्सौल के 53, पकड़ीदयाल, कल्याणपुर और आदापुर के 52-52 लाभुक शामिल हैं। इसके अलावा पिपराकोठी के 49, घोड़ासहन के 45, तुरकौलिया 44, बनकटवा 42, फेनहारा 36, पहाड़पुर 32, सुगौली 29, तेतरिया व हरसिद्धि 26-26, छौड़ादानो 25, अरेराज 24, मोतिहारी 22, मधुबन 52, संग्रामपुर 37, पताही 38 और कोटवा के 12 लाभुकों को भी जमीन का पर्चा उपलब्ध कराया गया।
अंचलवार खुलेगी ‘निगरानी फाइल’, तेज होगी प्रक्रिया
अपर समाहर्ता ने स्पष्ट किया कि यह अभियान जिले में लगातार चल रहा है और इसकी नियमित समीक्षा की जा रही है। अब इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि पात्र भूमिहीन परिवारों तक वासभूमि का लाभ पहुंचाने में किसी भी स्तर पर देरी न हो। इसके लिए हर अंचल में वासभूमि से वंचित परिवारों की अलग से फाइल खुलेगी।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जिलाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) डॉ. प्रदीप कुमार भी विशेष रूप से मौजूद रहे। प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद अब अंचल स्तर पर आवेदन, जांच, पात्रता निर्धारण और पर्चा वितरण—हर चरण की निगरानी तेज होने की पूरी उम्मीद जग गई है, जिससे भूमिहीनों का अपने घर का सपना जल्द साकार हो सकेगा।



